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अब आपके नोट, घड़ी, पर्स, फोन पर नहीं चिपक पायेगा कोरोना, IIT रोपड़ ने बनाया ऐसा उपकरण

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2020, 13:35 IST

कोरोना वायरस (coronavirus) से लड़ने के लिए तकनीक भी बड़ी भूमिका निभा रही है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है, जिससे ग्रोसरी, करेंसी नोट और अन्य सामान को कोरोना वायरस से बच पाएंगे. यह उपकरण पराबैंगनी कीटाणुनाशक विकिरण तकनीक से लैस है. इसे दरवाजे पर रखने की सलाह दी गई है. किराने और करेंसी नोट सहित बाहर से लाई गई सभी वस्तुओं को इसमें डाल दिया जाता है ताकि उन्हें साफ किया जा सके. यह इस वस्तुओं को COVID-19 मुक्त करेगा.

कितनी है कीमत

आईआईटी रोपड़ का कहना है कि जब यह बाजार में उपलब्ध हो जायेगा तब इसकी कीमत 500 रुपये से कम हो सकती है. डिवाइस को किसी भी आइटम को साफ करने में 30 मिनट का समय लगेगा और आइटम को बाहर निकालने से पहले 10 मिनट वक्त लगेगा. आईआईटी ने कहा "कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई, केवल सोशल डिसेंसिंग से नहीं लड़ी जा सकती है, इसके लिए अन्य तरीकों से भी सावधान रहना होगा. हमने एक उपकरण विकसित किया है जो हमारे घर में किसी भी ट्रंक जैसा दिखता है''.


आईआईटी रोपड़ के सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर नरेश रखा ने कहा "अभी बहुत से लोग ऐसे हैं जो सब्जियों को धोने से पहले गर्म पानी डालते हैं लेकिन मुद्रा नोटों या बटुए के साथ ऐसा नहीं किया जा सकता है. इसलिए हमने इसके लिए स्वच्छता समाधान विकसित किया है." IIT का कहना है कि मुद्रा नोट, सब्जियां, दूध के पैकेट, कलाई घड़ी, पर्स, मोबाइल फोन या किसी भी दस्तावेज को इस्तेमाल करने से पहले ट्रंक में रख सकते हैं.

IIT ने कहा "डिवाइस वाटर प्यूरिफायर में उपयोग की जाने वाली पराबैंगनी कीटाणुनाशक विकिरण तकनीक पर आधारित है. इसके अंदर सीधे नहीं देखने की सलाह दी गई है क्योंकि यह हानिकारक हो सकता है." केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोनोवायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 199 हो गई और शुक्रवार को देश में 6,412 मामले सामने आए.

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First published: 10 April 2020, 13:12 IST
 
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