Home » साइंस-टेक » Delete MItronApp in your phone immediately, even missing from Google Play Store
 

'आपके फोन में है MItron App तो तुरंत करें डिलीट', गूगल प्ले स्टोर से भी हुआ गायब

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 June 2020, 12:13 IST

टिकटॉक का भारतीय विकल्प माना जा रहा 'मित्रों ऐप' मंगलवार को Google Play स्टोर से हटा दिया गया है. ऐप के 50 लाख से अधिक डाउनलोड थे. Google या डेवलपर्स में से किसी ने प्ले स्टोर से एप्लिकेशन को हटाने के कारणों का खुलासा नहीं किया है. हालांकि इसके पीछे सुरक्षा कारण बताये जा रहे हैं. यदि आपके पास अपने फोन पर पहले से ही डाउनलोड किया गया मिट्रॉन ऐप है, तो आप अभी भी इसका उपयोग कर पाएंगे, लेकिन जानकारों का कहना है कि इसे तुरंत डिलीट कर दें.

साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपके फोन में यह ऐप मौजूद है तो इसे तुरंत डिलीट दीजिये क्योंकि अब यह गूगल द्वारा वैरिफाइड ऐंड्रॉयड ऐप नहीं हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐप के मालिक IIT रुड़की के छात्र शिबंक अग्रवाल ने एक पाकिस्तानी कोडिंग कंपनी Qboxus से ऐप का सोर्स कोड खरीदा और ऐप को Mitron के रूप में रीब्रांड कर भारत में लॉन्च किया. कहा गया है कि अग्रवाल और उनकी टीम में ऐप को भारत में लॉन्च करने से पहले उसकी कोडिंग को कस्टमाइज़ या प्राइवेसी पॉलिसी में चेंज नहीं किया.


 

जानकारों का कहना है कि “मित्रोन ऐप का इस्तेमाल करना जोखिम भरा है क्योंकि इसमें सोर्स कोड के टॉप पर कोई अतिरिक्त फ़ायरवॉल या सॉफ़्टवेयर सिक्युरिटी नहीं है. प्राइवेसी पॉलिसी कमजोर है और जो यूजर्स डेटा को जोखिम में डाल सकती है.” उनका कहना है कि Google Play स्टोर पर उपलब्ध मिट्रोन के सभी क्लोन से सावधान रहना चाहिए. स्मार्टफोन में ऐप इंस्टॉल करने से पहले आपको हमेशा डेवलपर की जांच करनी चाहिए.

एक रिपोर्ट के अनुसार यह ऐप पाकिस्तानी कंपनी Qboxus द्वारा बनाए गए TicTic ऐप का रीपैकेज्ड वर्जन था. Qboxus के सीईओ और फाउंडर इरफान शेख हैं. उन्होंने बताया है कि मित्रों ऐप के डिवेलपर को टिकटिक का सोर्स कोड 34 डॉलर (करीब 2,500 रुपये) में बेचा गया.

 Coronavirus : अब मरीजों का डॉक्टर कर रहे ऑनलाइन इलाज, जानिए वीडियो कॉल और चैट की फीस

First published: 3 June 2020, 12:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी