Home » साइंस-टेक » Facebook is working like 'Digital Gangster'
 

'Digital Gangster' की तरह फेसबुक कर रहा है काम, लोगों की प्राइवेसी के साथ कर रहा खिलबाड़

न्यूज एजेंसी | Updated on: 19 February 2019, 7:29 IST

ऑनलाइन दुनिया में फेसबुक पर 'डिजिटल गैंगस्टर' की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए ब्रिटेन की एक संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोशल नेटवर्किं ग दिग्गज ने गलत इरादे से और जानबूझकर डेटा निजता और प्रतिस्पर्धा-विरोधी कानूनों का उल्लंघन किया है.

ब्रिटिश संसद की डिजिटल, संस्कृति, मीडिया और स्पोर्ट (डीसीएमएस) समिति ने फेसबुक पर लगे गलत सूचना और 'फर्जी खबरें' फैलाने के आरोपों की करीब 18-महीनों की जांच के बाद सोमवार को जारी अपने अंतिम रिपोर्ट में कड़े नियमन लागू करने का आह्वान किया है, ताकि फेसबुक को अपने मंच पर गलत सूचनाएं फैलाने से रोका जा सके.

डीसीएमएस समिति के अध्यक्ष डैमियन कॉलिन्स ने एक बयान में कहा, "हम रोजाना जिन सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स का उपयोग करते हैं, उसके माध्यम से नागरिकों को गलत सूचनाओं और वैयक्तिकृत 'डार्क एडवर्ट्स' के साथ अज्ञात सूत्रों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र खतरे में है." जांच में पाया गया कि फेसबुक कुछ डेवलपरों को अपने ग्राहकों का निजी डेटा मुहैया कराकर विज्ञापन की ऊंची दर वसूलती है.

इस रिपोर्ट में मार्क जकरवर्ग का संदर्भ भी दिया गया है, जिन्होंने समिति के समक्ष उपस्थित होने की मांग को खारिज कर दिया था. रिपोर्ट में कहा गया, "समिति के समक्ष पेश नहीं होकर और हमारे किसी भी निमंत्रण का व्यक्तिगत रूप से जवाब नहीं देकर मार्क जकरबर्ग ने न सिर्फ ब्रिटिश संसद बल्कि 'अंतर्राष्ट्रीय ग्रैंड समिति' की भी अवमानना की है, जिसमें दुनिया भर के नौ विधानमंडलों के सदस्य शामिल हैं."

द गार्जियन में फेसबुक के ब्रिटेन के सार्वजनिक नीति प्रबंधक करीम पलांट के हवाले से कहा गया, "हम सार्थक नियमन का स्वागत करते हैं और चुनावी कानून सुधार के लिए समिति की सिफारिशों का समर्थन करते हैं."

भारत में जल्द ही बैन हो सकता है TIK TOK, यहां की सरकार ने उठाया ये कदम

First published: 19 February 2019, 7:29 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी