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फेसबुकः लाइक बटन से दिखेंगे 6 रिएक्शन, क्यों पड़ी इसकी जरूरत

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 28 January 2016, 16:03 IST

सोशल मीडिया के सर्वाधिक चर्चित प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अब आप लाइक बटन को क्लिक करके अपनी भावनाएं भी व्यक्त कर सकेंगे. काफी विवादों और शुरुआती प्रयोग के बाद अब फेसबुक के इस महत्वपूर्ण बटन को विस्तार देकर इसमें प्रतिक्रिया देने के छह विकल्प जोड़ेगी.

एसोसिएटेड प्रेस और रायटर्स की मानें तो लाइक बटन के नए "रिएक्शन" में "लव (love)", "हाहा (haha)", "वाओ (wow)", "सैड (sad)", "येय (yay)" और "एंग्री (angry)" जैसी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने का विकल्प मिलेगा. फेसबुक अगले कुछ हफ्तों में इसे सभी यूजर्स के लिए जारी कर देगा. इन छह विकल्पों को एनीमेटेड इमेज के जरिये अपनी भावनाएं व्यक्त करने में इस्तेमाल किया जा सकेगा. 

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हालांकि पूर्व की भांति यूजर्स के लिए लाइक बटन तो रहेगा, लेकिन इसके जरिये वे अपनी भावनाओं को और ज्यादा सटीक रूप से व्यक्त कर सकेंगे.

इन विकल्पों के आने के बाद भी यूजर्स किसी एक पोस्ट को पहले की ही तरह लाइक कर सकेंगे. हालांकि, जब वे लाइक का बटन प्रेस एंड होल्ड करेंगे (दबाए रखेंगे), रिएक्शंस तब दिखने लगेंगे और यूजर अपने मनमुताबिक रिएक्शन इमेज क्लिक कर सकेगा.

गौरतलब है कि दुनिया भर के काफी यूजर्स बीते काफी वक्त से फेसबुक को "डिसलाइक" बटन जोड़ने की मांग कर रहे थे. हालांकि बताया जाता है कि फेसबुक ने इस विचार को इसलिए त्याग दिया क्योंकि यह काफी नकारात्मक हो जाता.

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फेसबुक ने बीते वर्ष अक्तूबर में स्पेन, चिली, फिलीपींस, पुर्तगाल, जापान, कोलंबिया और आयरलैंड में "रिएक्शन" बटन की टेस्टिंग शुरू की थी. 

क्यों पड़ी "रिएक्शन" की जरूरत

सोचने वाली बात है कि इतने सालों से लाइक और कमेंट जैसे दो ही  विकल्प होने के बावजूद फेसबुक ने दुनिया भर में प्रसिद्धि बटोरी. फिर फेेसबुक को लाइक बटन के आगे कुछ और यानी "रिएक्शन" जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी.

दरअसल, फेसबुक पर यूजर्स कुछ भी पोस्ट करते हैं. मसलन किसी ने कुछ नई शुरुआत की, एक नई तस्वीर खींची, कुछ बेहतरीन किया, कहीं पर सफलता पाई, किसी की मदद की या कुछ भी ऐसा किया जिसे लोगों द्वारा पसंद किया जाना चाहिए, जैसे मौके पर तो लाइक बटन का इस्तेमाल समझ में आता था.

लेकिन कई ऐसे मौके भी होते थे जब किसी ने अपने किसी सगे-संबंधी की मौत की खबर पोस्ट की, किसी की बीमारी की जानकारी शेयर की, किसी के बारे में गलत लिखा, किसी को गाली दी, कुछ खराब लिखा या कुछ भी लिखा तो उस यूजर की फ्रेंडलिस्ट के लोग न चाहते हुए भी लाइक बटन दबाते थे या कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं करते थे. किसी की गलत पोस्ट पर अपना गुस्सा जाहिर नहीं कर पाते थे, किसी के दुख में शोक नहीं व्यक्त कर पाते थे.

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इस वजह से फेसबुक को ऐसे यूजर्स की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाती थी. ऐसे यूजर्स फेसबुक देखते तो थे लेकिन रिस्पॉन्स नहीं करते थे. इसलिए ऐसे यूजर्स भी फेसबुक पर सक्रिय रहें और हर मौके पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस प्लेटफॉर्म पर एक्टिविटी ग्राफ बढ़ाते रहें, फेसबुक ने इन "रिएक्शंस" को जोड़ दिया. 

159 करोड़ यूजर्स हैं फेसबुक के

फेसबुक के मुताबिक 31 दिसंबर 2015 तक इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के पास 159 करोड़ सक्रिय यूजर्स हो गए थे. दिसंबर 2014 की तुलना में बीते वर्ष 14 फीसदी नए यूजर्स फेसबुक से जुड़े. इनमें से 144 करोड़ यूजर्स फेसबुक का इस्तेमाल मोबाइल डिवाइसों में करते हैं. मोबाइल पर फेसबुक यूजर्स की संख्या में भी बीते वर्ष 21 फीसदी का ईजाफा हुआ. 

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First published: 28 January 2016, 16:03 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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