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जैतून के तेल के बारे में ये हैं पांच बड़ी ग़लतफ़हमियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 July 2017, 15:10 IST

जैतून के तेल के कई फायदे हैं. इसे आप अगर आप अपने दैनिक जीवन में लंबे समय तक खाने से लेकर सलाद में इस्तेमाल करते हैं, तो आपके स्वास्थ्य पर इसका बेहतरीन असर हो सकता है. इसी कारण पिछले कुछ समय से ये आपको हर स्टोर पर मिल सकता है.

जैतून के तेल का उपयोग करने से ना आपका स्वास्थ, बल्कि आपकी त्वचा पर भी इसका चमत्कारिक असर पड़ता है. इस तेल में पर्याप्त मात्रा में विटामिन और ऑक्सीजन रोधी तत्व हैं. इस कारण ये तेल महंगा है. इतनी खूबियों के बाबजूद कुछ लोग सही जानकारी ना होने के कारण इसका दैनिक जीवन में इस्तेमाल नहीं करते हैं.

लोगों का मानना है कि ये इसे पॉपुलर करने का तिकड़म है और इससे कई भ्रम जुड़े हुए हैं. मार्केटिंग कंपनियां इस तेल को शुद्ध, सर्दी में काम आने और कुंआरी जैतून तेल के नाम से जोड़कर बेचती हैं, इस कारण भी लोगों में इस तेल के इस्तेमाल को लेकर गलतफहमी है. 

हम आपको इस तेल से लेकर पांच बड़े भ्रम के बारे में बताना चाहते हैं, ताकि आप अपने बेहतर स्वास्थ को देखते हुए इसके इस्तेमाल पर सही फैसला लें.

पहला भ्रम - जैतूल का तेल यदि फ्रिज में रखकर मटमैला और ठोस हो हो जाता है, तो वो सौ प्रतिशत शुद्ध है.

तथ्य- जैतूल के तेल की शुद्धता और गुणवत्ता जांच करने की कोई घरेलू विधि नहीं है. कुछ तेल फ्रिज में रखकर ठोस हो जाते हैं. इसकी पहचान गंध और स्वाद से की जा सकती है. पर इसकी क्वालिटी का सही पता लैब में ही किया जा सकता है.

दूसरा भ्रम- यदि तेल का रंग बहुत हरा है तो ये उच्त गुणवत्ता वाला जैतून का तेल है.

तथ्य-  रंग किसी भी तेल की गुणवत्ता का सूचक नहीं है, जैतून के तेल में परिवर्तन उसकी विविधिता,देश और परिस्थतियों पर निर्भर करता है. ये हल्के पीले रंग से गहरे हरे रंग का हो सकता है.

तीसरा भ्रम- गर्म जैतून का तेल आपके स्वास्थ्य को कम फायदा पहुंचाता है. इसलिए अतिरिक्त कुंवारी जैतून का तेल कच्चा या सीधे बोतल से इस्तेमाल करना बेहतर है.

तथ्य- गरम करने के बाद इसका स्वाद बदल सकता है, लेकिन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले इसके फायदे बने रहेंगे. आप इसे बेहिचक खाने के साथ पका सकते हैं. क्योंकि इसका धूम्रपान बिंदु और तेलों से बहुत अधिक होता है.

चौथा भ्रम- जैतून का तेल खाना पकाने, भूनने और हल्के तलने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

तथ्य- आप जैतून का तेल को गरम करके खाना पका सकते हैं. इसके लिए आपको में विभिन्न जैतून के तेलों की विविधता को समझना होगा. भारत में सबसे अधिक तीन ग्रेड का जैतून का तेल मिल सकता है. ये है अतिरिक्त कुंवारी, क्लासिक / शुद्ध और अतिरिक्त प्रकाश और, अंत में, पोमास, जो जैतून का तेल के एक रासायनिक रूप से निकाला जाने वाला संस्करण है. इसमें फर्क  स्वाद, सुगंध और धूम्रपान बिंदु में निहित है. अतिरिक्त कुंवारी जैतून का तेल जैतून का एक मजबूत स्वाद और कम धूम्रपान बिंदु है, क्योंकि इसे ठंडे दबाव से प्राप्त किया जाता है. शुद्ध जैतून का तेल रिफाइन किए हुए जैतून के तेल से प्राप्त किया जाता है.

पांचवा भ्रम- कम तापमान में बनाया हुआ जैतून का तेल अच्छा होता है.

तथ्य- किसी भी तेल का सबसे शुद्ध रूप हमेशा सबसे अधिक मात्रा में पोषक तत्वों के साथ होता है और यह कच्चे तेल के रूप में होता है. डिफ़ॉल्ट रूप से, ईईओओ कम तापमान में बनाया जाता है.

First published: 15 July 2017, 15:10 IST
 
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