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ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले हो जाएं सावधान! हैकर्स तक ऐसे पहुंच रही है आपके कार्ड की डिटेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 February 2019, 15:12 IST

आज का युग टेक्नोलॉजी का युग है. ऐसे में हर इंसान किसी ना किसी तरह तकनीकी का ही सहारा ले रहा है. मोबाइल फोन के इस्तेमाल से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग का भी चलन तेजी से बढ़ा है. हाई-स्पीड इंटरनेट और स्मार्टफोन्स की वजह से ही ऑनलाइन बैंकिंग और शॉपिंग का चलन भी बढ़ता जा रहा है. ऑनलाइन बैंकिंग और शॉपिंग से यूजर्स को काफी फायदे भी हुए हैं. जैसे समय की बर्बादी आदि. लेकिन ऑनलाइन इस्तेमाल होने वाली कोई भी चीज आपके लिए बेहद आसान नहीं है. यानि ये कहीं ना कहीं आपके लिए परेशानी का सबब बन रही है.

हाल ही में ऐसी तमाम खबरें सुनने को मिलीं जिनमें ऑनलाइन फ्रॉड जैसे फिशिंग, स्किमिंग का जिक्र किया गया था. साइबर अपराधी हर दिन नई तकनीक का इस्तेमाल कर यूजर्स को ठगने के काम के काम कर रहे हैं. हाल ही में ऐसी ही एक नई तकनीक Formjacking का पता चला है. जिससे ये ठग आसानी से ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले यूजर्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

जानिए क्या है फॉर्मजैकिंग

दरअसल, फॉर्मजैकिंग की मदद से हैकर किसी वेबसाइट या उसके किसी खास पेज पर हैकिंग वाले कोड्स डाल देते हैं. हैकर्स इन कोड का ज्यादातार इस्तेमाल ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर करते हैं. हैकर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इन कोड्स को वेबसाइट डिटेक्ट नहीं कर पाती है. जैसे ही यूजर्स खरीददारी के लिए उस साइट पर अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डीटेल डालते हैं उसकी एक कॉपी इन्हीं कोड्स की मदद से हैकर्स तक पहुंच जाती है.

उसके बाद शुरु होता है आपके कार्ड के साथ धोखाधड़ी करने का सिलसिला. कार्ड की डीटेल मिल जाने पर हैकर्स उसका गलत इस्तेमाल शुरू कर देते हैं. आपके कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग करने के अलावा वे आपके कार्ड की डीटेल को डार्क वेब पर भी बेचा जा सकता है. हाल ही में Symantec ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि हैकर्स इन अटैक्स के माध्यम के अब तक 1 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा पैसे कमा चुके हैं. इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डार्क वेब पर एक कार्ड की डीटेल 45 डॉलर में बिकती है.

बता दें कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के ऐसे ही मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पिछले कुछ सालों में फॉर्मजैकिंग अटैक्स के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है और हर महीने दुनियाभर में करीब 4800 वेबसाइट्स ऐसे अटैक्स का शिकार होती हैं. फॉर्मजैकिंग अटैक्स ज्यादातर छोटा बिजनेस करने वाली कंपनियों की साइट्स पर होते हैं, लेकिन ये नहीं कहा जा सकता कि बड़ा बिजनेस करने वाली साइट्स इनसे सुरक्षित हैं.

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First published: 24 February 2019, 15:12 IST
 
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