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और ज्यादा बेहतर हो गया Google Maps, पता ढूंढ़ना हुआ आसान

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 March 2018, 19:42 IST

नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दिग्गज तकनीकी कंपनी Google ने अपने Google Maps को और ज्यादा बेहतर किए जाने की घोषणा की. अपग्रेडेड हुए Google Maps के चलते अब किसी पते को खोजना, पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो गया है.

Google ने बताया कि उसने Google Maps में अपने प्लस कोड्स का सपोर्ट दिया है जो एरिया और लोकल कोड्स का कॉम्बिनेशन है. इससे जिन लोगों के पास पते नहीं हैं उन्हें खोजना आसान बन गया है. कंपनी ने इसके साथ ही बंगाली, गुजराती, कन्नड़, तेलुगू, तमिल और मलयालम जैसी छह भाषाओं में भी वॉयस नेविगेशन की सेवा देनी शुरू कर दी है.

इस इवेंट के दौरान Google ने बताया कि यूजर्स अब वॉयस नेविगेशन की लैंग्वेज सीधे Google Maps से ही स्विच कर सकेंगे. इसके अलावा यह ऐप एड्रेस सर्च को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा और इसके लिए सहायक परिणाम व यूजर्स द्वारा दी गई प्रतिक्रियाओं को भी जोड़ेगा.

अब कवरेज बढ़ाने के लिए Google Maps भारत में प्लस कोड्स को सपोर्ट करेगा. अगर बात करें प्लस कोड्स की तो यह अंजान व्यक्तियों-स्थानों के पते देने के लिए एरिया कोड्स और लोकल कोड्स के कॉम्बिनेशन से कस्टम एड्रेस बनाता है.

Google Maps टीम के मुताबिक, "प्लस कोड जनरेट करने के लिए किसी भी विशेष स्थान पर जूम कीजिए, यहां लोकेशन पिन ड्रॉप कर दीजिए और फिर उस पिन को प्लस कोड देखने के लिए टैप कर दीजिए." यह प्लस कोड्स इस्तेमाल में मुफ्त हैं, शेयरिंग में आसान हैं, ऑफलाइन देखे जा सकते हैं और ओपन सोर्स हैं.

इन प्लस कोड्स को Google Search भी सपोर्ट करता है यानी गूगल सर्च बार में यह कोड लिखिए और उस एड्रेस को गूगल मैप्स पर देखिए. यह कोड्स यूजर्स को फेसबुक-ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिये भी अपनी लोकेशन ब्रॉडकास्ट करने का अवसर देता है.

शुरुआत में प्लस कोड्स को एंड्रॉयड डिवाइसों के लिए उपलब्ध कराया गया है और आने वाले वक्त iOS पर भी इसका सपोर्ट दिया जाएगा. कंपनी का कहना है कि वो प्लस कोड्स के इस्तेमाल के लिए सरकार से भी बातचीत कर रही है.

वहीं, ऐप की एड्रेस सर्च क्षमता बढ़ाने के लिए Google Maps ऐड एन एड्रेस को भी इनेबल कर रहा है. इसके लिए यूजर्स गूगल मैप्स ऐप-लोकेशन खोंजे (जैसे सेक्टर 18, नोएडा)-यहां पर खोया हुआ स्थान जोड़ दें-जैसे कोई बिल्डिंग या शॉप. इसके बाद यह ऐप यूजर को उस स्थान की बिल्कुल सटीक लोकेशन सुनिश्चित करने के लिए सैटेलाइट व्यू दिखाएगा. इसके बाद एक छोटा सा फॉर्म आ जाएगा जिसमें पता, शहर, राज्य और पिन कोड के टैब होंगे.

Google Maps फॉर एमर्जिंग मार्केट्स के निदेशक सुरेन रुहेला कहते हैं, "इस पते में केवल सार्वजनिक जानकारी ही होनी चाहिए जैसे घर का नंबर या लैंडमार्क, न कि नाम और फोन नंबर वाली कोई व्यक्तिगत जानकारी."

इसके अलावा इस ऐप में नई स्मार्ट कैपिबिलटीज भी आ गई हैं जो किसी पते को खोजने पर सबसे नजदीकी लैंडमार्क को दिखा देंगी ताकि यूजर वहां तक आसानी से पहुंच सके.

First published: 13 March 2018, 19:42 IST
 
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