Home » साइंस-टेक » Google might let you free from password login by the end of this year
 

इस साल गूगल दे देगा पासवर्ड से आजादी

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2016, 18:21 IST

अब जल्द ही आपको अपने तमाम ऑनलाइन अकाउंट्स के पासवर्ड याद रखने के झंझट से मुक्ति मिल सकती है. दिग्गज आईटी कंपनी गूगल एक नई लॉगिन तकनीक पर प्रयोग कर रही है जो पासवर्ड की जरूरत को खत्म कर देगी.

द गार्डियन में छपी रिपोर्ट की मानें तो गूगल का यह नया लॉगिन सिस्टम 'ट्रस्ट बेस्ड' (विश्वास आधारित) होगा जो यह निगरानी रखेगा कि अधिकतर वक्त आप कैसे अपना फोन इस्तेमाल करते हैं.

गूगल के इस 'प्रोजेक्ट अबेकस' का एक हिस्सा 'ट्रस्ट एपीआई' है जिसे कंपनी ने आई/ओ डेवलपर कॉन्फ्रेंस के दौरान पेश किया था. जून में तमाम बड़े वित्तीय संस्थानों द्वारा इसका परीक्षण किया जाएगा.

मोबाइल इंटरनेट डाटाः प्राइस वार में जल्द आएंगे अच्छे दिन

यह सिस्टम स्मार्टफोन के लिए डिजाइन किया गया है और यह लगातार वैयक्तिक सूचकांक (पर्सनल इंडिकेटर्स) की जांच करने का काम करेगा. स्मार्टफोन के वास्तविक यूजर की पहचान करने के बाद यह सिस्टम अकाउंट्स या फोन के इस्तेमाल की अनुमति देगा.

आपसे पासवर्ड पूछने के बजाए फोन आपका चेहरा, आवाज, टाइपिंग का ढंग, स्वाइप का तरीका, कैसे आप चलते हैं या भी आप कहां हैं, भांप सकेगा. यह सिस्टम आपकी इन सभी वैयक्तिक सूचनाओं को एक डाटा के रूप में एपीआई में डाल देगा. जिसके बाद यह एक 'ट्रस्ट स्कोर' जनरेट करेगा, जो बताएगा कि फोन को इस्तेमाल करने वाला शख्स वाकई इसका आधिकारिक यूजर है या नहीं.

इस तकनीक को लाने की वजह आपके स्मार्टफोन या डिवाइस को ज्यादा सुरक्षित करना है. क्योंकि कोई भी व्यक्ति आसानी से आपका पासवर्ड चुरा सकता है लेकिन यह बहुत मुश्किल है कि कोई व्यक्ति बिल्कुल आपकी ही तरह की अनोखी चाल-ढाल, आवाज, चेहरे, स्थान से मेल खाए. 

पढ़ेंः टर्मिनेटर जैसी इंसानी आंखें बनाने में जुटा गूगल

गूगल का मानना है कि इन कई फैक्टर्स पर आधारित लॉगिन प्रणाली एक फिंगरप्रिंट स्कैन की तुलना में 10 गुना ज्यादा सुरक्षित है. 

इससे डेवलपर्स को चीजें ज्यादा सुरक्षित बनाने और सुरक्षा के स्तर को बढ़ाने का मौका मिलेगा. उदाहरण के लिए एक बैंकिंग ऐप आपको खाते का बैलेंस दिखाने के लिए केवल ट्रस्ट एपीआई का ही इस्तेमाल करे. 

लेकिन अगर आपको पैसे ट्रांसफर करने हैं या ज्यादा संवेदनशील जानकारी देखनी है तो यह ज्यादा सत्यापन के लिए आपसे फिंगरप्रिंट स्कैन या पासवर्ड डालने के लिए पूछे. इसके चलते कई ऐप का इस्तेमाल आसान और तेज हो जाएगा.

पढ़ेंः आईफोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के 10 तरीके

इस सिस्टम का परीक्षण जल्द शुरू होगा. लेकिन गूगल के डैन कौफमैन कहते हैं कि यदि सबकुछ सही रहा तो इस साल के अंत तक यह तकनीक हर गूगल डेवलपर के पास होगी. 

इसका मतलब कि जल्द ही अलग-अलग अकाउंटों के तमाम पासवर्ड याद रखने के झंझट से मुक्ति दिलाने वाले अच्छे दिन आ सकते हैं.

First published: 26 May 2016, 18:21 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी