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टर्मिनेटर जैसी इंसानी आंखें बनाने में जुटा गूगल

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 May 2016, 11:53 IST

हॉलीवुड की मशहूर साई-फाई सिरीज टर्मिनेटर में रोबोट जैसी आंखें आने वाले भविष्य में संभव हो सकती हैं. जिसके जरिये इंसान केवल पलक झपकते ही अपनी आंखों से अपने सामने आने वाली हर चीज से जुड़ी जानकारी पाने के साथ ही कंप्यूटर का काम कर सकेगा.

जी हां, दरअसल दुनिया की दिग्गज कंपनी गूगल एक ऐसे कंप्यूटर पर काम कर रही है जिसे सीधे आंखों में इंजेक्शन के जरिये डाल दिया जाएगा. गूगल द्वारा फाइल किया गया एक नया पेटेंट इस योजना की पुष्टि करता है. 

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द इंडिपेंडेंट में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो गूगल की इस महात्वाकांक्षी योजना में एक ऐसी डिवाइस के डेवलपमेंट पर काम किया जा रहा है जिसे सीधे इंसान की आंखों में इंजेक्ट कर दिया जाए. इससे इंसानी आंखों की देखने की क्षमता सुधरेगी साथ ही कुछ अतिरिक्त सहूलियतें भी मिल जाएंगी.

हालांकि संभव है कि पेटेंट कराई जाने वाली टेक्नोलॉजी हकीकत में कभी जारी न की जाए, लेकिन यह एक अन्य उदाहरण है जो बताता है कि इंसानी आंखों में कंप्यूटर लाने की दिशा में गूगल की दिलचस्पी है.

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इस तकनीक के जरिये छोटी सी इंजेक्टेबल मशीन को आंखों की सतह के बिल्कुल पीछे लगा दिया जाएगा, जिसके जरिये दृष्टि दोष में सुधार किया जा सकेगा.

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लेकिन पेटेंट के मुताबिक यह छोटी सी मशीन अपने अंदर स्टोरेज, रेडियो और लेंस भी सहेजे होगी. एक एनर्जी-गैदरिंग एंटीना के जरिये इसे ऊर्जा मिलेगी. यह एंटीना इस मशीन को आंखों के बाहर एक दूसरी डिवाइस से जुड़ने की अनुमति देगा, जिसके जरिये यह मशीन इंफॉर्मेशन प्रॉसेसिंग करने के साथ ऊर्जा पा सकेगी.

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गौरतलब है कि इससे पहले गूगल ने गूगल ग्लास स्पेक्ट्स के जरिये आंखों से जुड़े कंप्यूटर बनाने की कोशिश की थी लेकिन वह विचार परेशानियों में उलझ गया. अब इसे फिर से विशेषरूप से केवल कार्यस्थल में काम करने के लिए रीलॉन्च किया गया है.

उसके बाद के सामने आए पेटेंट्स बताते हैं कि गूगल आईबॉल बनाने की दिशा में काम कर रही है. 2014 में कंपनी द्वारा स्मार्ट कॉन्टैक्ट लेंस के लिए एक अन्य पेटेंट फाइल किया गया जिसमें तमाम जानकारियां दिखाई देने के साथ ही इसे पहनने वाले के ग्लूकोज स्तर पर भी नजर रखी जा सके. 

First published: 1 May 2016, 11:53 IST
 
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