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इसलिए नहीं मिलते हैं आपके चोरी हुए फोन, हैकर्स चंद मिनटो में कर देते हैं ये काम

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2018, 18:10 IST

जब आपका मोबाइल चोरी हो जाता है तो वह पलक झपकते ही बंद हो जाता है. जब आप फोन की लोकेशन को ट्रेस करने की कोशिश करते हैं तो आप इस लोकेशन को भी ट्रेस नहीं कर पाते हैं. एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हैकर्स या चोर आपके मोबाइल को चोरी करने के तुरंत बाद पहला काम ये करते हैं कि स्मार्टफोन का इंटरनेशनल इक्विपमेंट आइडेंटिटी (IMEI) नंबर बदल देते हैं. इसके बाद उस स्मार्टफोन की लोकेशन के ट्रेस करने में भी विफल हो जाते हैं.

हैकर्स के पास एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है इसके जरिए वह किसी भी स्मार्टफोन का आईएमईआई (IMEI) नंबर बदल देते हैं. इसके बाद पुलिस भी उन तक नहीं पहुच पाती है, ईएमआई नंबर बदलने के लिए सबसे पहले वह चोरी हुए फोन का पैटर्न अनलॉक करते हैं और उसके बाद फ्लैशर, ऑक्टोप्लस, वॉलकानो आदि सॉफ्टवेयर के जरिेए IMEI नंबर को बदल देते हैं. इसके लिए वह महज 500 रुपये लेते हैं, आईएमईआई नंबर को बदलने के लिए फ्लैशर सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हैं. वैसे सभी कंपनीयों के स्मार्टफोन के आईएमईआई नंबर को बदलने के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर का प्रयोग होता है, आईफोन में यह सॉफ्टवेयर काम नहीं करता है.

हैकर्स के पास एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है इसके जरिए वह किसी भी स्मार्टफोन का आईएमईआई (IMEI) नंबर बदल देते हैं. इसके बाद पुलिस भी उन तक नहीं पहुच पाती है, ईएमआई नंबर बदलने के लिए सबसे पहले वह चोरी हुए फोन का पैटर्न अनलॉक करते हैं और उसके बाद फ्लैशर, ऑक्टोप्लस, वॉलकानो आदि सॉफ्टवेयर के जरिेए IMEI नंबर को बदल देते हैं.

इसके लिए वह महज 500 रुपये लेते हैं, आईएमईआई नंबर को बदलने के लिए फ्लैशर सॉफ्टवेयर का प्रयोग करते हैं. वैसे सभी कंपनीयों के स्मार्टफोन के आईएमईआई नंबर को बदलने के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर का प्रयोग होता है, आईफोन में यह सॉफ्टवेयर काम नहीं करता है.

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First published: 16 September 2018, 18:10 IST
 
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