Home » साइंस-टेक » How female astronauts cope with menstrual period in Space?
 

अंतरिक्ष में माहवारी से कैसे निपटती हैं महिला यात्री?

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2016, 0:28 IST

अंतरिक्ष में वो पहली महिला कौन थी जिसके पीरियड आए थे? कम वजन का अहसास करते हुए सैनेटरी प्रोडक्ट्स बदलना कैसा लगता होगा? और क्या गुरुत्वाकर्षण के न होने पर मेनेस्ट्रुअल फ्लो शरीर के अंदर ही नहीं रहता है? यह कुछ ऐसे सवाल हैं जो अंतरिक्ष में जाने वाली अंतरिक्ष यात्री महिलाओं के संबंध में लोगों के दिमाग में जरूर आते होंगे.

द कंवर्सेशन में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो अंतरिक्ष में रहने के दौरान मानव शरीर में तमाम बदलाव होते हैं. न केवल गुरुत्वाकर्षण जिसके खिलाफ वहां हमेशा काम करना पड़ता है, बल्कि वहां पर बोन डेंसिटी (हड्डी का घनत्व) और मसल्स मास (मांसपेशियों द्रव्यमान) भी कम हो जाता है. 

पढ़ेंः महिला से ज्यादा पुरुष के लिए फायदेमंद है शादी

कॉर्डियोवस्कुलर सिस्टम भी कमजोर हो जाता है और शरीर के संतुलन बनाने की प्रणाली को नए स्थान और गुरुत्वाकर्षण के मुताबिक ढालना पड़ता है. लेकिन इसके बावजूद आश्चर्यजनक रूप से महिलाओं की माहवारी का चक्र (मेन्सट्रुअल साइकिल) नहीं बदलता है. विभिन्न शोधों के मुताबिक पृथ्वी की ही तरह अंतरिक्ष में भी महिलाओं की माहवारी सामान्य रूप से ही होती है. 

female astronaut.jpg

इतना ही नहीं शून्य गुरुत्वाकर्षण यानी शरीर के भार रहित होने से भी माहवारी के रक्तस्राव में कोई फर्क नहीं पड़ता. यानी शरीर का वजन शून्य होने पर भी रक्तस्राव सामान्य ढंग से ही होता है और शरीर जानता है कि इसे कैसे बाहर निकाला जाए, इसलिए यह शरीर में रुकता या ऊपर की ओर नहीं जाता. 

पढ़ेंः कौन से 10 मुल्कों के करेंसी नोटों में छपती है महिला की तस्वीर

माहवारी के कारण एक बार इस बात पर बहस भी हो चुकी है कि महिलाओं को अंतरिक्षयात्री न बनाया जाए. हालांकि अब हमें यह पता चल चुका है कि पीरियड से अंतरिक्षयात्रियों की क्षमता पर कोई फर्क नहीं पड़ता. 

व्यक्तिगत पसंद

आजकल तमाम ऐसे तरीके भी उपलब्ध हैं जिनसे महिलाओं की माहवारी को रोका जा सकता है. लेकिन शोधों से पता चलता है कि महिलाओं के कुछ ऐसे सुनिश्चित समूह हैं जिन्हें माहवारी एक सामान्य प्रक्रिया नजर आती है, जबकि कुछ ऐसी भी हैं जो कभी पीरियड न होने पर बहुत प्रसन्न होंगी.

एक महिला अंतरिक्षयात्री अपने पीरियड जारी रखना चाहती है या रोकना, इसके लिए कोई नियम-निर्देश नहीं है और यह पूरी तरह महिला की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है. कुछ महिला अंतरिक्षयात्रियों को लगता है कि माहवारी को रोकना उनके लिए अच्छा नहीं है इसलिए वे अंतरिक्ष में भी पीरियड जारी रखती हैं.

astronaut.jpg

हालांकि अगर महिला माहवारी जारी रखने का निर्णय लेती है तो निश्चितरूप से उसे अंतरिक्ष में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसमें स्वच्छता (हाइजीन) से जुड़ी व्यवहारिक दिक्कतें शामिल होती हैं. क्योंकि अंतरिक्ष में पानी की मात्रा सीमित होती है और वहां पर हवा में उड़ते हुए सैनेटरी पैड बदलना भी आसान नहीं होता.

पढ़ेंः शादी के बाद महिलाएं क्यों लगाती हैं पति का सरनेम?

अगर एक महिला अंतरिक्षयात्री अपनी माहवारी नहीं चाहती है जैसा अमूमन लंबे वक्त तक वहां ठहरने वाली अंतरिक्षयात्री करती हैं, तो उनके लिए वर्तमान में सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध विकल्प ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल है. एक स्वस्थ और तंदरुस्त महिला द्वारा इस पिल को लेने में कोई जोखिम या इसका दुष्प्रभाव नहीं होता. 

लेकिन एक परेशानी तब सामने आ जाती है जब अंतरिक्ष यात्रा तीन वर्ष लंबी हो मसलन मंगल तक जाना और वापसी. ऐसे में महिला यात्री को अपना पीरियड रोके रखने के लिए करीब 1100 पिल्स की जरूरत होगी. जिसके लिए विमान में इतना अतिरिक्त वजन सहेजने, इनकी पैकेजिंग को डिस्पोड करने और सही वक्त पर इन्हें खाने समेत अन्य कई चुनौतियां भी होती हैं. 

वहीं, अगर महिला पीरियड जारी रखना चाहती है तो इतने वक्त के लिए सैनेटरी प्रोडक्ट साथ ले जाने में भी ऐसी ही चुनौतियां हैं.

पढ़ेंः बेटी को लिखा आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ चंदा कोचर का पत्र

ऐसे में कुछ नए विकल्प खोजना जरूरी है. एक नई शोध के मुताबिक लॉन्ग एक्टिंग रिवर्सिबिल कॉन्ट्रासेप्टिव (लार्क) है, जो ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है. इसे त्वचा के नीचे या गर्भाशय में लगाने से माहवारी को रोकने वाले हार्मोनों का धीमे-धीमे स्राव किया जाता है. 

लेकिन क्या ये लार्क सुरक्षित हैं? नई शोध में इसका कोई सबूत नहीं मिला है कि स्पेसक्राफ्ट की लॉन्चिंग या लैंडिंग के दौरान शरीर पर होने वाला बेहत तेज एक्सीलरेशन फोर्स इन डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है.  

पढ़ेंः क्या होगा अगर विमान में मोबाइल को फ्लाइट मोड पर नहीं रखा?

अंतरिक्ष आधारित शोध की तमाम नई खोजों के बावजूद कई ऐसी बातें हैं जो हमें नहीं पता. तमाम कॉन्ट्रासेप्टिव्स का बोन मिनरल डेंसिटी पर प्रभाव बड़ा मुद्दा है. क्योंकि पृथ्वी की तुलना में अंतरिक्षयात्रियों की हड्डी का क्षरण ज्यादा तेजी से होता है. 

First published: 27 April 2016, 0:28 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी