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अब वायरस से कम नहीं तेज होगी आपके कम्प्यूटर की स्पीड, मेमोरी में भी होगी बढ़ोतरी, जानिए कैसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 December 2018, 16:12 IST

आपने अब तक वायरस से कम्प्यूटर को नुकसान पहुंचातेे ही देखा होगा. लेकिन क्या कभी वायरल की वजह से कम्प्यूटर की स्पीड बढ़ने की बात सुनी है. बता दें कि वायरल कम्प्यूटर में एक ऐसा प्रोग्राम होता है जो कम्प्यूटर को ठप करने का काम करता है. लेकिन नैनोटेक्नोलॉजी की दुनिया ने जैविक वायरस और कंप्यूटर के बीच कड़ी जोड़ दी है. जिसके अंतर्गत वैज्ञानिकों ने वायरस की मदद से कम्प्यूटर की स्पीड और मेमोरी को बढ़ाने का तरीका खोजा निकाला है.

दरअसल, एप्लाइड नैनो मैटेरियल्स जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने M-13 बैक्टीरियोफेज वायरस की मदद से कम्प्यूटर की स्पीड को तेज करने का तरीका खोजा निकाला है. यह वायरस मूलरूप से ई-कोली बैक्टीरिया को संक्रमित करता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक कम्प्यूटर को तेज करने के लिए जरूरी है कि उसके मिलीसेकेंड टाइम डिले को कम किया जाए. यह टाइम डिले यानि देरी रैंडम एक्सेस मेमोरी यानि रैम और हार्ड ड्राइव के बीच डाटा ट्रांसफर और स्टोरेज के कारण होती है.

सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन के शोधकर्ताओं के मुताबिक, फेज-चेंज मेमोरी इस परेशानी को दूर करने में मददगार साबित हो सकती है. यह रैम की तरह तेज होती है और इसमें हार्ड ड्राइव से ज्यादा डाटा स्टोर हो सकता है. हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रक्रिया में तापमान बड़ी समस्या है.

फेज-चेंज मेमोरी के लिए जिस मैटेरियल का इस्तेमाल होता है, वह 347 डिग्री सेल्सियस पर टूट जाता है. वहीं, कंप्यूटर चिप निर्माण की प्रक्रिया में तापमान इससे बहुत ऊपर तक जाता हैइसी के साथ ताजा शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि M-13 बैक्टीरियोफेज वायरस की मदद से बेहद कम तापमान पर ही इस मैटेरियल को वायरस में बदलकर कम्प्यूटर चिप में इस्तेमाल करना संभव हो सकता है.

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First published: 8 December 2018, 16:10 IST
 
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