Home » साइंस-टेक » Catch Hindi: new study says, there is nothing like man's brain and woman's brain
 

'औरत का दिमाग़ और मर्द का दिमाग़ जैसी कोई चीज़ नहीं'

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 December 2015, 12:18 IST
एक नए शोध के अनुसार औरत और मर्द के दिमाग़ की संरचना में कोई फर्क नहीं है. इस शोध के अनुसार किसी भी मस्तिष्क में स्त्री और पुरुष दोनों चरित्र मौजूद होते हैं.

शोध का नेतृत्व करने वाली इसराइल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी(टीएयू) की प्रोफ़ेसर डाफना जोएल ने बताया, "ऐसे व्यक्ति को खोजना लगभग नामुमकिन है जिसका दिमाग पूरी तरह पुरुष या स्त्री चरित्र वाला हो. आमतौर पर हर मनुष्य के मस्तिष्क में दोनों चरित्र होते हैं."

शोधकर्ताओं के अनुसार मनुष्य के किसी खास बरताव को मर्दाना या जनाना मानने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है

वैज्ञानिकों ने मैग्नेटिक रेजोनेंस इमैजिंग(एमआरआई) तकनीकी का प्रयोग करके ये शोध किया. इस शोध के अऩुसार औरत का दिमाग या मर्द का दिमाग जैसी कोई चीज नहीं होती.

पढ़ेंः वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में बनाया शुक्राणु

इस शोध का परिणाम शोध पत्रिका प्रोसीडिंग ऑफ़ दी नैशनल एकैडमी ऑफ़ साइंसेज में प्रकाशित हुआ है. इस शोध में 1400 लोगों के मस्तिष्क के कामकाज के बजाय उसकी संरचना का अध्ययन किया गया.  टीएयू ने ये शोध मैक्स प्लांक इंस्टिट्यूट, जर्मनी और ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया है.

शोध के दौरान मनुष्य के मस्तिष्क के अलग-अलग ज़ोन को स्त्री ज़ोन और पुरुष ज़ोन के रूप में चिह्नित किया गया. शोध के दौरान देखा गया है कि हर व्यक्ति के मस्तिष्क में स्त्री ज़ोन और पुरुष ज़ोन दोनों मौजूद थे.

प्रोफ़ेसर जोएल के अनुसार स्त्री और पुरुष के दिमाग़ के अलग होने का तर्क लैंगिक भेदभाव को जायज ठहराने के लिए दिया जाता है

प्रोफेसर डाफना जोएल कहती हैं, "हर कोई एक इंडिविजुअल(व्यक्ति) है. हमें लोगों के यौनांगों के अनुसार उनका वर्गीकरण करना बंद करना चाहिए. हमें लोगों के साथ उनके विशेष चरित्र और रुचि के हिसाब से व्यवहार करना चाहिए."

पढ़ेंः दिमाग़ से नियंत्रित होंगी कारें

प्रोफ़ेसर जोएल के अनुसार स्त्री और पुरुष के दिमाग़ के बिल्कुल अलग-अलग होने का तर्क लैंगिक भेदभाव को जायज ठहराने के लिए दिया जाता है.

जोएल ने शोध के बारे में जानकारी देते हुए कहती हैं, "हमने शोध के दौरान हमने ये जानने की कोशिश की कि क्या जननांगों की तरह स्त्री-पुरुष का मस्तिष्क भी पूरी तरह भिन्न होता है? हमने पाया कि ऐसा नहीं है."

जिस तरह किसी महिला या पुरुष के चरित्र में विभिन्न गुण जिन्हें आमतौर पर किसी एक लिंग से जोड़ा जाता है, मिलेजुले रूप में मौजूद होते हैं उसी तरह उनका मस्तिष्क भी मिलेजुले चरित्र वाला होता है.

जोएल कहती हैं कि ऐसे कई गुण हैं जो पुरुषों या महिलाओं में ज्यादा पाए जाते हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि दोनों का दिमाग़ अलग-अलग होता है.

पढ़ेंः जिसे गड्ढा समझा वो डायनासोर के पैरों का निशान निकला

पढ़ेंः बेवजह एंटीबॉयोटिक्स खाने से हो सकता है सेहत को नुकसान

 

First published: 18 December 2015, 12:18 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी