Home » साइंस-टेक » India's anti-satellite missile test may have created 6,500 eraser-size pieces of space junk near Earth, according to a new simulation
 

भारत के एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण से अंतरिक्ष में फैल सकता है इतना मलबा : रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2019, 16:52 IST

भारत ने बुधवार को अंतरिक्ष में एंटी सेटेलाइट मिसाइल का परिक्षण किया. भारत का दावा है कि उसने अपने की एक उपग्रह को मार गिराया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफल परीक्षण को एक अभूतपूर्व उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस परिक्षण के साथ ही भारत अंतरिक्ष में एक शक्ति बनकर उभरा है. जानकारों का मानना है कि ये एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण अंतरिक्ष में बड़े मलबा क्षेत्रों को छोड़ देते हैं और उपग्रहों के लिए खतरा पैदा करते हैं.

हालांकि भारत का कहना है उसने इस जोखिम को कम कर दिया है. रायटर के अनुसार मलबे का क्षेत्र कुछ ही समय में गायब हो जाएगा, यह 45 दिनों के भीतर मर ख़त्म हो जाना चाहिए. हालांकि USAF स्पेस कमांड के वाइस कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डेविड थॉम्पसन ने सीनेट आर्म्ड सर्विसेज कमेटी को बताया कि "वे मलबे के क्षेत्र में लगभग 270 विभिन्न वस्तुओं को ट्रैक कर रहे हैं.

 

उनके अनुसार संभवत यह संख्या बढ़ने वाली है क्योंकि मलबे का क्षेत्र फैल गया है और हम अधिक सेंसर जानकारी एकत्र करते हैं," एनालिटिकल ग्राफिक्स इंक (AGI) नामक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कंपनी ने अब एंटी-सैटेलाइट टेस्ट द्वारा बनाए गए मलबे का अपना सिमुलेशन बनाया है. कंपनी जो "अंतरिक्ष में वस्तुओं और अभूतपूर्व सटीकता के साथ समय का अनुमान लगाती है," की वेबसाइट के अनुसार गुरुवार को YouTube पर वीडियो पोस्ट किया.

कंपनी का कहना है कि "हमने 6,500 अंशों का मॉडल तैयार किया, जो मूल रूप से आधे सेंटीमीटर से बड़े थे," . पीएम मोदी ने बुधवार सुबह लाइव प्रसारण के दौरान "मिशन शक्ति" नामक परीक्षण की घोषणा की. परीक्षण ने माइक्रोसेट-आर नामक उपग्रह को नष्ट कर दिया, जिसका वजन लगभग 1,600 पाउंड था.उन्होंने कहा, "अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ने ही ये उपलब्धि हासिल की है. भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश है."अंतरिक्ष में कोई भी टकराव मलबे के बादल बनाता है, और अविश्वसनीय ऊर्जा उपग्रह-विरोधी घटनाओं में शामिल होती है.

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First published: 30 March 2019, 16:46 IST
 
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