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पहली बार कोई निजी कंपनी चांद पर भेजेगी इंसानी अवशेष, भारतीय-अमेरिकी की कंपनी को मिला लाइसेंस

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2016, 8:27 IST
(कैच न्यूज)

भारतीय मूल के अमेरिकी सह स्वामित्व वाली एक निजी कंपनी मून एक्सप्रेस की योजना इंसानी अवशेषों को चांद पर ले जाने की है.

चांद पर अंतरिक्षयान भेजने की लाइसेंसधारी यह कंपनी 30 लाख डॉलर प्रति किलो के हिसाब से इंसानी अवशेष भेजेगी. यह जानकारी मीडिया की एक रिपोर्ट में दी गई है.

मून एक्सप्रेस पहली निजी कंपनी

नवीन जैन मून एक्सप्रेस के सह-संस्थापक हैं. अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने उनकी कंपनी को अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित करने और उसे 2017 में चंद्रमा पर उतारने का लाइसेंस दिया है. यह अनुमति हासिल करने वाली मून एक्सप्रेस पहली निजी कंपनी है.

कंपनी ने विज्ञप्ति में बताया है कि अमेरिका के इस महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले के बाद ‘मून एक्सप्रेस’ को चंद्रमा की सतह पर पहला रोबोटिक यान भेजने का अधिकार मिल गया है. इससे पहले कोई भी निजी अतंरिक्ष यान धरती की कक्षा से बाहर नहीं भेजा गया है और बाह्य अंतरिक्ष में अभी तक जो भी अंतरिक्ष यान गए हैं वे सरकारी एजेंसियों की ओर से ही भेजे गए हैं.

द न्यू यार्क पोस्ट की खबर में कहा गया कि मून एक्सप्रेस की व्यवसायिक मालवहन की योजनाओं में इंसानी अवशेषों को चांद पर ले जाना शामिल है.

पहले से ही काफी लंबी सूची

जैन ने द न्यू यार्क पोस्ट को बताया कि इंसानी अवशेषों को चांद पर भेजने की कीमत 30 लाख डालर प्रति किलो के हिसाब से होगी. अखबार ने उनके हवाले से कहा, ‘‘हमारे पास पहले से ही ग्राहकों की पहले से ही काफी लंबी लिस्ट है.’

निजी कंपनी के तौर पर चांद मिशन के लिए लाइसेंस पाने के बाद जैन ने कहा, 'मून लाइसेंस के लिए आकाश सीमित नहीं है. यह उसके लिए लांचपैड है.आने वाले समय में हम चांद से बहुमूल्य धातु और चट्टान लाएंगे.'

मून एक्सप्रेस कंपनी की स्थापना साल 2010 में अंतरिक्ष मामलों के विशेषज्ञ डॉ़ बॉब रिचर्डस, नवीन जैन और उद्यमी तथा कत्रिम बुद्धिमता एवं अंतरिक्ष तकनीक के जानकार डॉ़ बार्ने पेल ने मिलकर की थी.

First published: 10 August 2016, 8:27 IST
 
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