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GST बिल को स्कैन करेगा ये ऐप, जानें क्या है खासियत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 July 2018, 14:48 IST

देश में GST को लागू हुए एक साल पूरा हो गया है. एक साल पूरा होने के मौके पर आइरिस बिजनेस सर्विसेज लिमिटेड ने एक ऐसा ऐप लांच किया है जो कि जीएसटी बिल और डाक्यूमेंट्स को स्कैन कर सकेगा.'आइरिस पेरिडॉट' नाम का ये ऐप जीएसटीआईएन आईडी की जांच करता है. यहां तक की ये टैक्स देने वाले की अनुपालन की स्तिथि भी बता देता है.

आइरिस बिजनेस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बीएसई (BSE) में लिस्टेड है. और ये देश की टॉप की जीएसटी सुविधा प्रदाता कंपनियों में से है. भारत की कई बड़ी कंपनियां अपनी जीएसटी फाइलिंग की जरूरतों के लिए आइरिस के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती हैं. जीएसटी को एक परिवर्तनकारी पहल मानते हुए आइरिस ने कारोबार को आसान बनाने और कर अनुपालन को बेहतर करने के लिए जीएसटी से जुड़े कई समाधान पेश किए हैं. आइरिस पेरिडॉट उन्हीं में से एक है.

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कैसे काम करेगा पेरिडॉट
पेरिडॉट एक ऐसा एप है, जिसकी मदद से कोई उपयोक्ता जीएसटी सिस्टम से प्रमाणित करते हुए करदाता से जुड़ी विस्तृत जानकारी का पता लगा सकता है. इसमें यूजर को काफी सहूलियतें मिलती हैं. यूजर इसकी मदद से अपने फोन के कैमरा से किसी भी इनवॉइस या दस्तावेज को स्कैन कर सकता है.

इसके बाद यह एप एआइ/एमएल (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस/मशीन लैंग्वेज) तकनीक का इस्तेमाल करते हुए उन दस्तावेजों पर लिखे हुए ढेर सारे शब्दों के बीच से जीएसटीआईएन की पहचान करता है और आइरिस जीएसपी एपीआइ कनेक्ट की मदद से करदाता के रिटर्न की विस्तृत जानकारी मुहैया करा देता है.

आइरिस बिजनेस सर्विसेज लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए इस एप को गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर से निशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है.

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आइरिस जीएसटी के बिजनेस हेड गौतम महंती ने कहा, "आइरिस पेरिडॉट एप को जीएसटी से जुड़ी व्यग्रता कम करने और मन को शांत करने की शक्तियों के साथ तैयार किया गया है. पेरिडॉट सच्चे बी2बी लेनदेन को सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है. आपके सामने वाले पक्ष के जीएसटीआईएन की सच्चाई का सीधा असर आपके इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम पर पड़ता है. इसलिए जब आपके पास आसान रास्ता है, तो खतरा मोल लेने की क्या जरूरत है. पेरिडॉट की मदद से जीएसटीआईएन की सच्चाई जानिए."

First published: 10 July 2018, 14:48 IST
 
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