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इसरो के 20 उपग्रहों के ऐतिहासिक प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2016, 12:20 IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार सुबह 9 बजकर 26 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 20 उपग्रहों के ऐतिहासिक प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू की. 22 जून को एकल मिशन के तहत इनकी एक साथ लॉन्चिंग की जाएगी.

मिशन तैयारी समीक्षा (एमआरआर) समिति और लॉन्च अधिकरण बोर्ड (एलएबी) की बैठक में काउंटडाउन को मंजूरी दी गई. इन उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल पीएसएलवी-सी34 का इस्तेमाल किया जाएगा.

20 उपग्रहों का कुल वजन 1288 किलोग्राम

इनमें भारत का भू सर्वेक्षण अंतरिक्ष यान काटरेसैट-2 शामिल है. 22 जून को सुबह 9 बजकर 26 मिनट पर अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल से उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जाएगा.

इसरो ने कहा कि पीएसएलवी-सी 34 पर ले जाए जाने वाले सभी 20 उपग्रहों का वजन तकरीबन 1288 किलोग्राम है.

इन उपग्रहों में 725.5 किलोग्राम वजनी भारत का पृथ्वी पर्यवेक्षण अंतरिक्ष यान काटरेसैट-2 श्रृंखला का उपग्रह शामिल है, जबकि अन्य 19 उपग्रहों में 560 किलोग्राम के अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ-साथ चेन्नई के सत्यभामा विश्वविद्यालय और पुणे के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के दो उपग्रह शामिल हैं.

2008 में एक साथ 10 उपग्रह की लॉन्चिंग

इसरो ने इससे पहले 2008 में एक मिशन के तहत 10 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा था. काटरेसैट-2 उपग्रह से भेजी जाने वाली तस्वीरें काटरेग्राफिक, शहरी, ग्रामीण, तटीय भूमि उपयोग, जल वितरण और अन्य अनुप्रयोगों के लिए मददगार होंगी.

सत्यभामा विश्वविद्यालय का 1.5 किलोग्राम वजनी सत्यभामासैट उपग्रह ग्रीन हाउस गैसों के आंकड़े इकट्ठा करेगा. वहीं, पुणे का एक किलोग्राम का स्वायन उपग्रह हैम रेडियो कम्युनिटी संदेश भेजेगा.

First published: 20 June 2016, 12:20 IST
 
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