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उपग्रह इनसैट-3डीआर से आसान होगा मौसम का पूर्वानुमान, लॉन्चिंग आज

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज अत्याधुनिक मौसम उपग्रह इनसैट-3डीआर के साथ जीएसएलवी-एफ05 का प्रक्षेपण करने जा रहा है. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर में इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है.

इसरो ने बुधवार सुबह 11.30 बजे मौसम उपग्रह इनसैट-3डीआर को ले जाने के लिए जीएसएलवी-एफ05 के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू की थी. इससे पहले मिशन तैयारी समीक्षा समिति और प्रक्षेपण प्राधिकार बोर्ड ने उल्टी गिनती की मंजूरी दी.

इसरो ने बताया, "सात सितंबर को साढ़े ग्यारह बजे जीएसएलवी-एफ05-आईएनएसएटी-3डीआर मिशन के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई." यह अपने साथ अत्याधुनिक मौसम उपग्रह ले कर जाएगा, जो देश में मौसम संबंधी जानकारियों के लिए विभिन्न सेवाएं प्रदान करेगा.

जीएसएलवी-एफ05 की लॉन्चिंग में देश में बनाए गए क्रायोजेनिक अपर स्टेज (सीयूएस) इंजन का इस्तेमाल किया जाएगा. क्रायोजेनिक अपर स्टेज का इस्तेमाल करने वाली जीएसएलवी की ये पहली ऑपरेशनल उड़ान होगी. जीएसएलवी-एफ05 को तीनों स्टेज के लिए प्लान किया गया है.

वैसे तो क्रायोजेनिक इंजन से लैस रॉकेट से तीन बार उपग्रह भेजे जा चुके हैं. इस उड़ान के साथ इंजन के उन्नत रूप से अधिक वजन को भेजने की क्षमता को परखा जाना है. जनवरी 2014 और अगस्त 2015 में डी5 और डी6 अभियानों में भी जीएसएलवी में क्रायोजेनिक इंजन इस्तेमाल हुआ था.

जीएसएलवी-एफ05 की लॉन्चिंग जीएसएलवी की दसवीं उड़ान होगी. जीएसएलवी के जरिये 2 से 2.5 टन वजनी उपग्रह को भी लांच किया जा सकता है. 

इसरो का यह चौथा स्वदेशी मौसम उपग्रह है. इससे पहले 2002 में कल्पना-1, 2003 में इनसेट-3ए और 2013 में इनसेट-3डी नामक स्वदेशी मौसम उपग्रह इसरो लांच कर चुका है.

First published: 8 September 2016, 2:57 IST
 
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