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ISRO का EOS-03 सेटेलाईट मिशन आखिरी चरण में फेल, प्राकृतिक आपदाओं में था कारगर

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 August 2021, 8:05 IST

भारत की प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी में मदद करने के लिए एक अर्थ ऑब्जरवेशन सेटेलाईट EOS-03 को लॉन्च करने का  मिशन आखिरी समय  में फेल  हो गया है, देश की अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने गुरुवार सुबह एक सफल लॉन्चिंगकी घोषणा करने के घंटों बाद यह जानकारी दी है. फरवरी में ब्राजील के अर्थ ऑब्जरवेशन सेटेलाईट अमेज़ोनिया -1 और 18 को-पेसेंजर उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के बाद EOS -03 इस साल (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का दूसरा प्रक्षेपण था. इसरो ने कहा "GSLV-F10 प्रक्षेपण का पहले और दूसरे चरण का प्रदर्शन सामान्य था. आखिरी चरण में क्रायोजेनिक इंजन में तकनीकी विसंगति के कारण यह सफल हो सका .''

इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक ट्वीट में जानकारी दी कि गुरुवार को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो के अर्थ ऑब्जरवेशन सेटेलाईट (EOS-03) को लॉन्च किया गया है. इसरो ने ट्वीट किया GSLV-F10 सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित हुआ." EOS-03 चक्रवात, बादल फटने, गरज के साथ प्राकृतिक आपदाओं की त्वरित निगरानी (quick monitoring)में मदद करेगा.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार इसरो के EOS-03 को GSLV-F10 द्वारा जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में रखा जाएगा. फरवरी में अपने सफल मिशन के बाद 2021 में इसरो का यह दूसरा प्रक्षेपण है, जो ब्राजील का अर्थ ऑब्जरवेशन सटेलाईट अमेज़ोनिया -1 (Amazonia-1) और 18 सह-यात्री उपग्रह था.

EOS-03 को मूल रूप से इस साल अप्रैल या मई में लॉन्च करने की योजना थी लेकिन COVID-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण अभ्यास को स्थगित कर दिया गया था. ये उपग्रह देश और सीमाओं की वास्तविक रियल टाइम इमेज भेजेगा और प्राकृतिक आपदाओं की त्वरित निगरानी करने में भी सक्षम होगा. इसरो ने कहा कि मिशन लाइफ 10 साल है.

EOS-03 कृषि, फॉरेस्ट्री, जल निकायों के साथ-साथ आपदा चेतावनी, चक्रवात निगरानी, बादल फटने या गरज के साथ निगरानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में आवेदन के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में सक्षम होगा.

GSLV के पिछले लॉन्च में जुलाई 2019 को GSLV-MkIII-M1 / चंद्रयान -2 मिशन शामिल है, जबकि GSLV-F11 ने दिसंबर 2018 में GSAT-7A को सफलतापूर्वक स्थापित किया. पिछला अर्थ ओब्जर्वेशन उपग्रह इसरो द्वारा नवंबर 2020 में एक ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पर लॉन्च किया गया था. इसरो ने कहा "PSLV-C49 ने 7 नवंबर, 2020 को EOS-01 को सफलतापूर्वक स्थापित किया.

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First published: 12 August 2021, 7:59 IST
 
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