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जूनो ने बृहस्पति की कक्षा में किया सफलतापूर्वक प्रवेश, कई रहस्यों से उठेगा पर्दा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 6:42 IST
(नासा)

पांच साल की लंबी यात्रा के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान जूनो बृहस्पति (जूपिटर) की कक्षा में पहुंच गया. अंतरिक्ष यान के प्रमुख इंजन का प्रज्ज्वलन (बर्न) पूरा होने के बाद जूनो ने सफलतापूर्वक बृहस्पति ग्रह की कक्षा में प्रवेश किया.

ज्यूपिटर की कक्षा में पहुंचने के लिए जूनो ने 5 साल में करीब 280 करोड़ किलोमीटर का सफर तय किया है. जूनो को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 5 अगस्त 2011 को लॉन्च किया था. इस मिशन में करीब 8 हज़ार करोड़ रुपये की लागत आई.

नासा ने ट्वीट कर बृहस्पति की कक्षा में जूनो के सफलतापूर्वक दाखिल होने की जानकारी दी.

नासा ने ट्वीट में लिखा, "सफलता! इंजन पूरी तरह स्टार्ट हुआ #जूनो अब जूपिटर की परिक्रमा कर रहा है, # जूनो इस ग्रह के रहस्य को अनलॉक करने के लिए तैयार."

नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन की ताजा जानकारी के मुताबिक, जूनो का मुख्य इंजन बंद कर दिया गया है और अंतरिक्ष यान ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंच गया है.

जूनो के मिशन कंट्रोल ने घोषणा की, '''रोगर जूनो, जूपिटर पर आपका स्वागत है.'' जूनो के प्रिंसिपल इंवेस्टीगेटर स्कॉट बोल्टन ने कहा कि नासा ने सबसे मुश्किल काम को अंजाम दिया.

जूनो ने अपने मिशन के सबसे कठिन और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक को पूरा कर लिया है और अब अंतरिक्ष यान को सूरज का सामना करना है, जिससे यान की बैटरी चार्ज हो सके.

नासा का जूनो स्पेसक्राफ्ट, बृहस्पति ग्रह की बनावट, वहां के मौसम, चुंबकीय क्षेत्र की जानकारी पृथ्वी की ओर ट्रांसमिट करेगा. जूनो यह भी पता लगाने की कोशिश करेगा कि क्या गैस जायंट माने जाने वाले जूपिटर प्लैनेट की गैस की परत के नीचे कोई पथरीला केंद्र है या नहीं. फरवरी 2018 में यह यान ग्रह की खोज पूरी कर लेगा.

First published: 5 July 2016, 1:58 IST
 
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