Home » साइंस-टेक » Know 5 big important & unanswered questions related to Apple's iPhone 7
 

जानिए आईफोन 7 से जुड़े 5 प्रमुख अनसुलझे सवाल

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST

दुनिया की दिग्गज तकनीकी कंपनी एप्पल ने अफवाहों और अटकलों पर विराम लगाते हुए अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस को आखिरकार बुधवार को लॉन्च कर दिया. दुनिया भर में इन दोनों फोनों की लॉन्चिंग को लेकर काफी उहापोह की स्थिति थी.

यह जगजाहिर है कि एप्पल के यह दोनों आईफोन इस सिरीज के अबतक के सबसे उम्दा, तेज और बेहतरीन स्मार्टफोन हैं. इसमें कोई दो राय भी नहीं और यह होना भी चाहिए क्योंकि कोई भी कंपनी अपने नए उत्पाद में नयापन लाने के साथ नई तकनीक को जोड़ती भी है. एप्पल ने भी यही किया.

एप्पल आईफोन 7: वायरलेस एयरपॉड्स के लिए चुकानी होगी भारी कीमत

हालांकि एप्पल ने अपने नए आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस को यूजर्स की उम्मीदों पर खरा नहीं उतारा है. भले ही कंपनी ने कुछ नए फीचर्स जोड़े हों लेकिन जो उम्मीद की जा रही थी, वो नहीं दिखीं.

लेकिन आईफोन 7 और आईफोन 7 प्लस की लॉन्चिंग के बाद और इनकी जानकारी सार्वजनिक करने के साथ ही कई जरूरी सवालों को छिपा लिया है. 

कितना यूजर फ्रेंडली है आईफोन 7, खरीदने से पहले जानिए ये खास हिदायत

कैच ने ऐसे ही 5 बड़े सवाल खोजे जो हर आईफोन 7 और 7 प्लस यूजर्स को जानने चाहिए. लेकिन इनका जवाब क्यों नहीं दिया गया, यह इन सवालों के साथ ही आपको पता चल जाएगा.

जानिए क्या है वो 5 जरूरी सवाल

1. इस फोन में क्या बैटरी की क्षमता बढ़ाई गई है?

एप्पल ने आईफोन 7 और 7 प्लस के स्पेशिफिकेशन सार्वजनिक करने के साथ यह तो बताया है कि यह दोनों आईफोन 6एस और 6एस प्लस की तुलना में क्रमशः दो घंटे और एक घंटे ज्यादा वक्त तक की बैटरी लाइफ प्रदान करते हैं, लेकिन इनकी बैटरी क्षमता कितनी है, नहीं बताया.

रिलायंस जियोः मोबाइल डाटा के साथ ही बंद हो जाएगी इनकमिंग

जहां एलटीई पर आईफोन 6S और 6S प्लस 10 और 12 घंटे तक चल सकते है, आईफोन 7 और 7 प्लस क्रमशः 12 और 13 घंटे तक चलेंगे. बता दें कि एक ही नेटवर्क पर फोन के ज्यादा देर चलने का मतलब ज्यादा क्षमता वाली बैटरी नहीं बल्कि स्क्रीन रिजोल्यूशन, प्रॉसेसर स्पीड, नेटवर्क सिग्नल समेत कई वजहों का बेहतर होना होता है.

2. क्यों जेट ब्लैक कलर को भी रफ सरफेस वाला ही बनाया?

एप्पल ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि आईफोन 7 और 7 प्लस के जेट ब्लैक कलर पर की गई हाई ग्लॉस फिनिश के लिए नौ चरण की पेंटिंग और पॉलिशिंग प्रक्रिया की गई. इसकी सतह भी एप्पल के अन्य एनोडाइज्ड उत्पादों की ही तरह सख्त है. 

लेकिन इस जेट ब्लैक कलर के फोन को नियमित इस्तेमाल करने से इसमें खरोंच या घिसाई के महीन निशान आ सकते हैं. इसलिए यूजर्स को चाहिए कि वो अगर नहीं चाहते हैं कि इसके हाईग्लॉस में फर्क पड़े तो इसके लिए वे उपलब्ध तमाम कवर्स-केसेज का इस्तेमाल करें.

जानिए कैसे स्मार्टफोन से पता चलता है आपका व्यक्तित्व

लेकिन एप्पल ने यह नहीं बताया कि इन दोनों फोनों के मैट्टे फिनिश वाले सिग्नेचर सिल्वर, गोल्ड, रोज गोल्ड और ब्लैक कलर लॉन्च करने के साथ ही कंपनी ने इस हाई ग्लॉस जेट ब्लैक को क्यों लॉन्च किया, जब इसकी सतह में पहले से ही कंपनी को स्क्रैच या धब्बे आने का डर था. 

3. क्यों 3.5 एमएम ऑडियो जैक नहीं दिया?

एप्पल आईफोन 7 और 7 प्लस से पहले तक आने वाली सभी डिवाइसों में 3.5 एमएम यूनिवर्सल ऑडियो जैक लगाता था. लेकिन इन नई डिवाइस में कंपनी ने इसे हटा दिया है. विशेषज्ञों की मानें तो इस पोर्ट को हटाने का मकसद आईफोन की मोटाई को घटाना था. एप्पल ने अपने नए फोन के लिए एक विशेषरूप से तैयार किए गए वायरलेस ईयरफोन एयरपॉड्स को लॉन्च किया है.

रिलायंस जियो: क्या वाकई दुनिया का सबसे सस्ता प्लान दे रही है कंपनी?

लेकिन जब एप्पल आईफोन 7 और 7 प्लस के चार्जिंग यानी लाइटनिंग पोर्ट के जरिये 3.5 एमएम ऑडियो जैक कंवर्टर के साथ पुराने ईयरपॉड्स (ईयरफोन) मुहैया करा रहा है तो इसके बारे में प्रचार क्यों नहीं किया गया? फिलहाल यूजर्स को ऐसा लग रहा है कि यह दोनों नए फोन केवल एयरपॉड्स को ही सपोर्ट करेंगे. जबकि एप्पल कंवर्टर के जरिये पुराने ईयरफोंस के इस्तेमाल की सहूलियत दे रहा है.

4. कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 5 का क्यों नहीं किया इस्तेमाल?

आजकल जब हर स्मार्टफोन के गिरने पर इसकी डिस्प्ले स्क्रीन टूटने का खतरा रहता है, दिग्गज कंपनियां अपने ग्राहकों के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास का इस्तेमाल करती हैं. कुछ ही वक्त पहले कॉर्निंग कंपनी द्वारा गोरिल्ला ग्लास 5 को लॉन्च कर दिया गया है. सैमसंग नोट 7 में इसका इस्तेमाल भी किया गया है.

आ गया हर मोबाइल का बापः दो सीपीयू, तीन बैटरी, 12जीबी रैम और 60 मेगापिक्सल कैमरा

प्रीमियम रेंज के हैंडसेट बनाने के कारण एप्पल को भी चाहिए था कि वो भी अपने स्मार्टफोन को नवीनतम गोरिल्ला ग्लास 5 लगाकर सुरक्षित करे, लेकिन नहीं किया. इसकी क्या वजह रही पता नहीं चला?

5. तमाम भाषाओं के बावजूद डिक्टेशन लैंग्वेज में हिंदी क्यों नहीं?

एप्पल भारत में काफी रिसर्च एंड डेवलपमेंट के कामों में भी जुटा हुआ है. अपने नवीनतम स्मार्टफोन में एप्पल ने लैंग्वेज, क्विकटाइप कीबोर्ड, डेफिनिशन लैंग्वेज में हिंदी भाषा को रखा है. 

जानिए 7 कारण क्यों नहीं लेना चाहिए रिलायंस जियो 4जी सिम

लेकिन सीरी जैसे पर्सनल असिस्टेंट की सेवा लेने के लिए अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पैनिश, जर्मन, इटैलियन, जैपेनीज, कोरियन, मैंडेरिन, कैंटोनीज, अरैबिक, डच, मलय, रसियन, टर्किश समेत दुनिया भर की तमाम भाषाओं के बावजूद हिंदी को नहीं जोड़ा है. 

इसके अलावा डिक्टेशन लैंग्वेज और स्पेल चेक में भी हिंदी सपोर्ट नहीं दिया गया है. आईफोन के लिए भारत का बड़ा बाजार होने के बावजूद भाषा में हिंदी का न होना बड़ी बात है.

First published: 8 September 2016, 5:05 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियोंं-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

पिछली कहानी
अगली कहानी