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जानिए स्मार्टफोन को कैसे बनाया जा सकता है वाटरप्रूफ

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 10 September 2016, 15:23 IST

सोचिए कैसा हो अगर आपके स्मार्टफोन में चार्जिंग-ऑडियो जैक खुला हो और वो पानी में गिर जाए, जाहिर है गुस्सा आएगा और आपका फोन बेकार हो जाएगा. कुछ कंपनियां जो यह दावा करती हैं कि उनका फोन वाटर रेजिस्टेंट है, वाकई में पूरी तरह पानी से सुरक्षित नहीं होता और यह कंपनियां वाटर डैमेज (यानी पानी जाने पर) होने पर वारंटी सुविधा नहीं देती हैं. 

लेकिन सच्चाई यह है कि आज के वक्त में स्मार्टफोन समेत हर इलेक्ट्रॉनिक चीज को वाटरप्रूफ बनाया जा सकता है. दुनिया में कई तकनीकी कंपनियां इसके लिए काम कर रही हैं और उन्होंने तमाम चीजों को पूरी तरह वाटरप्रूफ बनाया भी है. यानी आप उस डिवाइस को लेकर पानी में खेलो, पानी में रखो, पानी में डुबो दो या नदी-समुद्र में स्विमिंग-डाइविंग करते वक्त इस्तेमाल करो, कोई फर्क नहीं पड़ता.

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इतना ही नहीं इन कंपनियों द्वारा दी जाने वाली वाटरप्रूफिंग सेवा इतनी मजबूत होती है कि अगर आपकी डिवाइस खुलकर भी यानी बैक-कवर आदि अलग होकर पानी में भी चली जाए तो भी यह खराब नहीं होगी.

इसका मतलब है कि आज आने वाली सभी डिवाइसों को वाटरप्रूफ बनाया जा सकता है. 2012 से एचजेडओ नामक कंपनी वाटरप्रूफिंग के साथ ही तमाम तरह के लिक्विड प्रोटेक्शन सॉल्यूशंस मुहैया करा रही है. यह कंपनी दुनिया भर की टेक्निकल, इंडस्ट्रियल, मेडिकल और कंज्यूमर इंडस्ट्रीज को सेवाएं दे रही है. 

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2012 में आयोजित कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो के दौरान एचजेडओ ने आईफोन और टैबलेट्स को पानी में डालकर यह दिखाया था कि उनकी तकनीकी के जरिये किसी भी डिवाइस को लिक्विड डैमेज से मुक्त बनाया जा सकता है. उसके बाद से कंपनी ने काफी तरक्की की और सेवाओं में विस्तार किया.

कंपनी के मुताबिक उनकी प्रोटेक्टिव टेक्नोलॉजी के जरिये किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के निर्माण के दौरान उसके सर्किट बोर्ड (पीसीबी) पर बहुत महीन फिल्म (नैनो कोटिंग) चढ़ा दी जाती है. एचजेडओ के ऑर्गैनिक मैटेरियल्स को एक वैक्यूम चैंबर में केमिकल वैपर डिपोजिशन के जरिये इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस पर चढ़ाया जाता है. 

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इस प्रक्रिया के दौरान इस केमिकल के मॉलीक्यूल्स एक दूसरे के साथ जुड़कर बहुत महीन, मजबूत और एक समान सतह बना देते हैं जो इसे पानी या किसी अन्य तरह के जंग लगाने वाले, बेकार करने वाले पदार्थ से सुरक्षित रखते हैं. पूरी तरह पानी में डुबोए रखने पर भी यह उत्पाद खराब नहीं होते.

कंपनी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, वीयरेबल टेक्नोलॉजी, एलईडी डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, ऑटोमोटिव, यूटीलिटीज, मिलिट्री आदि क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए तैयार है. जबकि एचजेडओ कंपनी नाइकी, ड्यूश टेलीकॉम, येस्को-सैमसंग, मोटोरोला (ईयरफोन), डेल (टैबलेट), रैक्युटेन कोबो, टैग ह्युएर जैसी कंपनियों के कुछ उत्पादों को सैंपल पार्टनशिप के जरिये वाटरप्रूफिंग की सेवाएं भी दे चुकी है.

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हालांकि कंपनी का कहना है कि फिलहाल वो व्यक्तिगत डिवाइसों के लिए अपनी सेवाएं नहीं दे रही है, लेकिन भविष्य में ऐसा करेगी या नहीं इस बारे में खुलासा नहीं किया. लेकिन कंपनी के काम से एक बात तो साफ है कि जल्द ही आने वाले वक्त में मोबाइल कंपनियां इसकी सेवाएं लेकर अपनी डिवाइसों को और ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बना सकती हैं.

First published: 10 September 2016, 15:23 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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