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जानिए कौन से ऐप्स हैं स्मार्टफोन की बैटरी के दुश्मन

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 September 2016, 12:58 IST

स्मार्टफोन यूजर्स भले ही भारी भरकम रैम, बड़ी स्क्रीन, तेज प्रोसेसर और ज्यादा मेगापिक्सल वाले कैमरे का टशन मारते हों. लेकिन सुबह पूरी चार्जिंग के बाद शाम से पहले ही फोन की दम तोड़ती बैटरी टशन बिगाड़ देती है. तेज होते स्मार्टफोनों की बैटरी ऐसे में यूजर्स के लिए एक बड़ी चिंता है. इसके पीछे की मुख्य वजह फोन की कमजोर बैटरी नहीं बल्कि वो ऐप्स हैं जो पॉवर सेंसिटिव हैं और बेवजह ज्यादा बैटरी खाते हैं.

यूं तो स्मार्टफोन की बैटरी इसके निर्माण और स्पेशिफिकेशंस पर निर्भर करती है. लेकिन फोन यूजर द्वारा इस्तेमाल का तरीका भी इसे जल्द डिस्चार्ज करता है. यह तो सभी को पता है कि स्मार्टफोन में किसी डॉक्यूमेंट की एडिटिंग, म्यूजिक-वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग या तमाम ऐप्स के जरिये हर वक्त इंटरनेट से जुड़े रहने पर इसे काफी भारी मात्रा में प्रोसेसिंग करनी पड़ती है. यह पूरी प्रक्रिया बैटरी की खपत करती है. यह सभी ऐप्स बैटरी खाते हैं.

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कैच ने इसके लिए कई स्रोतों से जानकारी जुटाई और अपने यूजर्स को उन ऐप्स के बारे में बता रहा है जो स्मार्टफोन की बैटरी के दुश्मन साबित होते हैं. ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन पूरा दिन साथ निभाए तो बैटरी चूसने वाले इन ऐप्स को हटाना फायदे का सौदा साबित हो सकता है.

जानिए कौन से हैं वो ऐप्सः

बैैटरी सेवर ऐप्स

आपके फोन, इसकी रैम या बैटरी की क्लीनिंग और बूस्ट करने वाले तमाम ऐप्स ऐसे होते हैं जो फोन का इस्तेमाल न किए जाने पर भी बैकग्राउंड में चलते रहते हैं. यह ऐप्स एक नियमित अंतराल में हैंडसेट की स्कैनिंग करते हैं और बैटरी खाने वाले या जंक फाइल्स को खोजकर उन्हें साफ करते हैं. बिना यूजर की जानकारी के यह कई ऐप्स को बंद या साफ करते रहते हैं और बैटरी खाते रहते हैं.

सोशल मीडिया ऐप्स

यूं तो सोशल मीडिया का सबसे मशहूर फेसबुक ऐप अधिकांश यूजर्स की पसंद होता है लेकिन दूसरी तरफ यह सबसे ज्यादा बैटरी भी खाता है. लगातार यह ऐप बैकग्राउंड में चलता रहता है और यूजर को नोटिफिकेशंस भेजता है. न केवल फेसबुक बल्कि इसका मैसेंजर ऐप भी फोन की बैटरी का दुश्मन है. इसके अलावा स्नैपचैट, स्काइपी, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे तमाम अन्य ऐप भी लगातार फोन की बैटरी चूसते रहते हैं.

एंटी वायरस ऐप्स

बैटरी-रैम सेवर ऐप्स की तरह एंटी वायरस ऐप्स भी बैकग्राउंड में चलता रहता है और फोन में किसी संभावित हमले की स्कैनिंग और फिक्सिंग करता रहता है. यहां यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि स्मार्टफोन में जितने ज्यादा ऐप्स होंगे, एंटी वायरस स्कैनर उतनी ज्यादा स्कैनिंग करेगा. इसके अलावा एंटी वायरस ऐप्स को दी गई परमिशन भी उन्हें अन्य काम करने की आजादी दे देती हैं जो बैटरी खत्म करने का काम करते हैं.

फोटो एडिटिंग ऐप्स

अगर आपको भी फोटोग्राफी करने और उन्हें एडिट करके सोशल मीडिया पर शेयर करने का शौक है, तो बेहतर होगा कि आप एक पॉवर बैंक लेकर चला करें. सामान्यता फोटो एडिटिंग ऐप्स साइज में बड़े होते हैं और इन्हें तस्वीरों को एडिट करने के लिए काफी ज्यादा प्रोसेसिंग की जरूरत होती है जिससे ज्यादा बैटरी खत्म होती है. विभिन्न साइटों की मानें तो एडोब लाइटरूम, फोटोशॉप एक्सप्रेस और पिक्सलर एक्सप्रेस जैसे ऐप्स बैटरी खपत करने में कम नहीं हैं.

इंटरनेट ब्राउजर्स

स्मार्टफोन यूजर्स को चाहिए कि वे अपने फोन केे अतिरिक्त इंटरनेट ब्राउजर्स को अनइंस्टॉल कर दें क्योंकि अधिकांश ब्राउजर्स फोन के डिफॉल्ट ब्राउजर के रूप में पहले से ही आते हैं. कुछ ब्राउजर्स में न्यूज, स्कोरबोर्ड, सोशल मीडिया नोटिफिकेशंस समेत कई और ऐड ऑन्स होते हैं, जिसकी वजह से वे बैकग्राउंड में हर वक्त चलते रहते हैं और फोन की बैटरी खाते रहते हैं. 

गेमिंग ऐप्स

मानें या न मानें लेकिन कई गेमिंग ऐप्स ऐसे हैं जो स्मार्टफोन की बैटरी खाते हैं. एस्फॉल्ट, इनजस्टिस, मॉडर्न कॉम्बैट समेत तमाम 3डी एनिमेशन गेम्स बहुत तेजी से बैटरी की खपत करते हैं. यहां तक की दुनिया भर में हल्ला मचाने वाला पोकेमॉन गो भी बहुत तेजी से बैटरी खाता है. अगर आप नहीं चाहते कि यह गेम फोन से हटाएं और बैटरी भी न खत्म हो, तो केवल इन्हें सेटिंग्स-ऐप्स में जाकर फोर्स स्टॉप कर दें. इसके बाद जब आप चाहें इस बटन पर फिर से क्लिक करके इसे एक्टिवेट कर सकते हैं.

First published: 15 September 2016, 12:58 IST
 
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