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जानिए एसी और कार साथ-साथ चलाने का सबसे किफायती तरीका

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 21 March 2016, 19:56 IST

हर कार चालक के दिमाग में यह बात जरूर रहती है कि एयरकंडीशनर (एसी) चालू रखकर कार चलाना ज्यादा ईंधन खपत करता है. या फिर बिना एसी ऑन रखे कार चलाने से ईंधन की बचत होती है. इस बारे में तमाम धारणाएं और अफवाहें हैं. लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसकी हकीकत क्या है आइए इस पर नजर डालते हैं.

पहले कार इंजन को समझें

आपकेे कार की बैटरी रिचार्जेबल होती है. जब आप अपनी कार की चाबी घुमाकर इंजन स्टार्ट करते हैं तो कार की बैटरी इंजन चालू करने के लिए थोड़ी ऊर्जा का इस्तेमाल करती है. 

एक बार इंजन स्टार्ट होने पर जब तक कार में ईंधन है यह चालू रहती है. जब इंजन चालू हालत में होता है तब कार में लगा एक छोटा सा इलेक्ट्रिकल जनरेटर (अल्टरनेटर), इंजन की थोड़ी सी ऊर्जा लेकर बैटरी को रिचार्ज करता रहता है.

अगर कार की बैटरी खराब हो जाती है या आप कई घंटों तक इसकी लाइट खुली छोड़ देते हैं, तो इंजन स्टार्ट करने पर इसकी इलेक्ट्रॉनिक मोटर नहीं घूम पाती है और कार स्टार्ट नहीं होती. 

लेकिन अगर आप कार को गियर में रखकर इसे धक्का लगाते हैं तो पहियों के घूमने से पिस्टन पर पड़ने वाली ताकत इसे स्टार्ट कर देती है. एक बार स्टार्ट होने के बाद अल्टरनेटर कुछ ही देर में कार की बैटरी को रिचार्ज कर देता है.

कैसे काम करता है एयरकंडीशनर

जब आप अपनी कार का एसी ऑन करते हैं तो यह अल्टरनेटर से मिलने वाली ऊर्जा का इस्तेमाल करता है. जाहिर है यह ऊर्जा इंजन से ही मिल रही होती है और इंजन आपके फ्यूल टैंक से ईंधन का इस्तेमाल कर रहा होता है.

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जब तक आप अपनी कार स्टार्ट नहीं करते इसका एसी ऑन नहीं होता है क्योंकि एसी कंप्रेसर से जुड़ी बेल्ट तभी घूमेगी जब इंजन चलेगा. यही वो बेल्ट भी होती है जो कार के अल्टरनेटर को चलते रहने और बैटरी को चार्ज करने का काम करती है. जान लें कि एसी कंप्रेसर कूलेंट को कंप्रेस करके इसे ठंडा करता है.

कैसे ईंधन की होगी बचत

अब जब आप कार के इंजन, बैटरी, एसी, अल्टरनेटर की प्रक्रिया को समझ चुके हैं तो एसी ऑन करके गाड़ी चलाना और ऑफ करके गाड़ी चलाना क्या ज्यादा बेहतर है आसानी से समझ सकेंगे.

कई संगठनों द्वारा कार की खिड़की खुली-एसी ऑफ और बंद खिड़की-एसी ऑन की तुलना और इसके परिणामों पर विस्तृत चर्चा की जा चुकी है. इनमें से एक प्रमुख संगठन द सोसाइटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स (एसएई) द्वारा कार के एसी और खिड़की से जुड़े कई प्रयोग कर इसके प्रभाव जाने गए.

एसएई ने अपने इन प्रयोगों में पाया कि किसी भी ऑटोमोबाइल (यहां हम कार का उदाहरण ले रहे हैं) में एसी ऑन करने से इसका माइलेज 5 से 10 फीसदी तक कम हो जाता है. 

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स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एसएई दोनों का मानना है कि अगर आप शहरी सड़कों पर कार चला रहे हैं तो इसकी खिड़कियां नीचे ही रखिए. लेकिन अगर आप किसी हाईवे या एक्सप्रेसवे पर कार चला रहे हैं तो खिड़कियां बंद और एसी ऑन रखें, क्योंकि तेज रफ्तार में हवा के दबाव से खुली खिड़कियां कार की रफ्तार को कम करने की कोशिश करेंगी जिससे इंजन की क्षमता कम होगी. 

दोनों संगठनों का मानना है कि जब भी आप अपनी कार 45 मील प्रति घंटा (करीब 72 किलोमीटर प्रतिघंटा) से ज्यादा रफ्तार पर चलाएं तो एसी को ऑन ही रखें. क्योंकि इतनी तेज रफ्तार में खुली खिड़कियां होने से हवा के दबाव से इंजन की क्षमता प्रभावित होने से उतना ही ईंधन जलेगा.

अब आप शायद समझ गए होंगे कि अगर आपकी कार की रफ्तार तेज है तो एसी को ऑन रखने में ही समझदारी है. हालांकि इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि अगर आप अपनी कार को ईंधन किफायती बनाना चाहते हैं तो कम रफ्तार में खिड़की खोलकर और एसी बंद करके चलाना चाहिए. 

First published: 21 March 2016, 19:56 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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