Home » साइंस-टेक » Know why there is hard shell on turtles back?
 

जानिए क्यों होता है कछुए की पीठ पर कवच

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 July 2016, 8:34 IST

क्या आपको पता है कि कछुए की पीठ पर इतना कठोर कवच क्यों होता है? खैर कोई बात नहीं. एक ताजा शोध में इस रहस्य का खुलासा हो गया है.

इस शोध के नतीजे बताते हैं कि कछुओं की पीठ पर यह कठोर कवच मौसम की कठिन परिस्थितियों में जमीन के नीचे रहने के दौरान उनकी सुरक्षा करने के लिए विकसित हुआ. इस ताजा शोध ने उस पुरानी मान्यता का खंडन किया है जिसमें बताया गया था कि यह कवच उनकी सुरक्षा के लिए है. 

इंटरनेट से डाउनलोड करते हैं फिल्म तो हो जाएं सावधान

यह शोध एक 26 करोड़ साल पुराने 15 सेंटीमीटर के जीवाश्म खोल पर किया गया. जो दक्षिण अफ्रीका के कारू बेसिन में आधे ढके प्रोटो टर्टल या स्टेम टर्टल के थे. इससे पता चला कि पीठ पर इस कठोर कवच रूपी रिब का चौड़ा होना वातावरणीय अनुकूलन के फलस्वरूप अपने लिए उचित खोह खोदनेे के दौरान हुआ.

इन स्टेम टर्टल से पता चला कि यह कवच केवल सुरक्षा के लिए विकसित नहीं हुआ बल्कि यह अनुकूलन के दौरान गड्ढा खोदते वक्त स्वतः कवच स्वरूप पैदा हुई.

यूरोप में गूगल पर संकटः जानिए क्या है पूरा मामला

शोध के प्रमुख और अमेरिका के कोलरैडो स्थित डेनवर म्यूजियम ऑफ नेचर एंड साइंड के जीवाश्मिकी प्रमुख टाइलर लाइसन ने कहा, "जहां पर यह प्रोटो टर्टल (कछुए) की पीठ पर विकसित शुरुआती कवच उनकी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीका की कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों से बचने के दौरान जमीन के नीचे गड्ढा खोदने के लिए बना."

इस शोध के दौरान सामने आए जीवाश्म संबंधी विकासशील आंकड़े बताते हैं कि इन कछुओं में कठोर कवच स्वरूप विकसित होने वाले इस हिस्से का मकसद रिब्स का चौड़ा होना था. 

अब हर जगह की तस्वीर नहीं खींच पाएगा आपका मोबाइल कैमरा

अत्यधिक रूप से चौड़ी हुईं रिब्स इनके फेफड़ों में ज्यादा हवा लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इनके शरीर को चलने के दौरान उचित रूप से सहायता करती हैं. इसके फलस्वरूप इनकी सांस लेने की क्षमता और चलने की गति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. 

First published: 17 July 2016, 8:34 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी