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रूस के सहयोग से बना कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र-1 राष्ट्र को समर्पित

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 August 2016, 15:21 IST
(एजेंसी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने बुधवार को 1,000 मेगावाट की क्षमता वाले तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु बिजली संयत्र-1 को संयुक्त रूप से राष्ट्र को समर्पित किया.

मोदी, पुतिन और जयललिता ने इस परमाणु बिजली संयत्र का उद्धाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया. पीएम मोदी ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा कि भारत-रूस परियोजना कुडनकुलम-1 भारत में स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ाने के प्रयासों में महत्त्वपूर्ण कदम है.

साझी प्रतिबद्धता की निशानी

उन्होंने कहा, "मैंने रूस के साथ मित्रता को हमेशा बहुत महत्त्व दिया और यह बिल्कुल उपयुक्त है कि हम कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट-1 को संयुक्त रूप से समर्पित कर रहे हैं. यह हरित विकास के लिए साझेदारी का मार्ग बनाने की हमारी साझी प्रतिबद्धता का भी संकेत है."

वहीं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने मॉस्को से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि यह सभी के लिए बड़ा कार्यक्रम है. रूसी राष्ट्राध्यक्ष ने कहा, "यह बिजली संयंत्र आधुनिक रूसी प्रौद्योगिकी से उन्नत है. यह सिर्फ बिजली संयंत्र का निर्माण और आरंभ नहीं है.

यह सर्वविदित है कि रूस परमाणु प्रौद्योगिकी के मामले में विश्व के अगुवा देशों में से एक है और हम अपनी प्रौद्योगिकी अपने भारतीय साथियों के साथ साझा करके खुश हैं."

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में स्थित प्रोजेक्ट

इस कार्यक्रम में चेन्नई से जुड़ीं मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा कि यह संयंत्र रूस और भारत के बीच लंबी और गहरी मित्रता का प्रतीक है. कुडनकुलम परियोजना तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में स्थित है.

कुडनकुलम संयंत्र को संवर्धित यूरेनियम पर आधारित रूसी वीवीईआर तरह के रिएक्टर का इस्तेमाल करके स्थापित किया गया है और इसकी दूसरी यूनिट का इस साल परिचालन शुरू होने की उम्मीद है.

स्थानीय लोगों के निरंतर विरोध प्रदर्शन की वजह से इस संयंत्र की पहली यूनिट का काम पूरा होने में विलंब हुआ. लोगों ने सुरक्षा चिंताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था.

‘प्रेसराइज्ड वॉटर रिएक्टर’ (पीडब्यूआर) वीवीईआर-1000 ने जुलाई, 2014 में बिजली की आपूर्ति की स्थिति प्राप्त कर ली थी और वाणिज्यिक परिचालन उसी साल 31 दिसंबर से आरंभ हो गया था.

वाणिज्यिक परिचालन की तिथि के बाद से यूनिट-1 का संचयी उत्पादन 6,4980 लाख यूनिट है और इस साल जून में इसकी क्षमता 100 फीसद तक पहुंच गई.

'रणनीतिक साझीदारी की मिसाल'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुडनकुलम सयंत्र-1 को राष्ट्र को समर्पित किया जाना भारत-रूस संबंधों के संदर्भ में एक और ऐतिहासिक मौका है.

उन्होंने कहा, "इसका सफलतापूर्वक पूरा होना हमारे खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की मजबूती का एक और सुंदर उदाहरण है. यह हमारी गहरी दोस्ती का जश्न भी है. यह इस क्षेत्र में हमारे सहयोग की शुरुआत भर है."

पीएम मोदी ने कहा, "कुडनकुलम में पांच यूनिट और बनाई जाएंगी तथा हर एक की क्षमता 1,000 मेगावाट की होगी." उन्होंने कहा, आज का कार्यक्रम भारतीय और रूसी वैज्ञानिकों व तकनीशियनों के लिए खुशी का मौका है.

'स्वच्छ, हरित और ठोस ऊर्जा'

मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा कि परमाणु ऊर्जा ‘स्वच्छ, हरित और ठोस ऊर्जा’ है, जिसका तमिलनाडु जैसे राज्य में तेजी से विस्तार हो रहा है.

उन्होंने कहा, "कुडनकुलम संयंत्र को समर्पित किया जाना भारत-रूस सहयोग की बड़ी मिसाल है. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के तौर पर 10 साल के अपने कार्यकाल के दौरान मैंने हमेशा कुडनकुलम परियोजना के क्रियान्वयन को अपना समर्थन दिया और साथ ही स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा संबंधी डर को खत्म करने पर भी ध्यान केंद्रित किया."

जयललिता ने कहा, "आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक, वैश्विक, राष्ट्रीय और स्थानीय रुकावटों को पार करते हुए इस परियोजना का सहज वाणिज्यिक परिचालन तमिलनाडु, भारत और रूस की सरकारों की परियोजना के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है."

उन्होंने कहा कि, "इस परियोजना की सफल शुरुआत इस बात की सीख है कि स्थानीय लोगों के डर व चिंताओं को कैसे दूर किया जा सकता है और कैसे बातचीत व भरोसा हासिल करके काम किया जाना चाहिए."


जयललिता ने जताया आभार

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा, "श्रीमान राष्ट्रपति (पुतिन) मैं आपकी आभारी हूं. भारत के लोग आपके महान देश के साथ जुड़े हैं और मैंने हमारी दोस्ती को हमेशा महत्त्व दिया है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ऐसे में यह बिल्कुल उपयुक्त है कि हम अपनी मित्रता और सहयोग खासकर भारत-रूस मित्रता को मजबूती देने के लिए कुडनकुलम परमाणु बिजली संयत्र की यूनिट-1 को संयुक्त रूप से समर्पित कर रहे हैं."

उन्होंने कहा कि, "वे चीन में अगले महीने होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन के साथ मुलाकात करने को उत्सुक हैं."

पुतिन ने भी किया संबोधित

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, "पहली यूनिट की क्षमता और निकट भविष्य में दूसरी यूनिट के बन जाने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति में काफी इजाफा होगा और उसकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी."

उन्होंने कहा, "मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग रूस और भारत के विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है." पुतिन ने कहा, "इस परियोजना के लिए 85 फीसद धन रूस की ओर से दिया जा रहा है."

First published: 11 August 2016, 15:21 IST
 
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