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एंड्रॉयड यूजर्स का बैंकिंग डेटा है हैकर्स के निशाने पर, क्विक हील ने जारी की चेतावनी

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 June 2018, 15:58 IST
(सांकेतिक फोटो)

ग्लोबल आईटी सिक्यॉरिटी फर्म क्विक हील ने मंगलवार को भारत में दो नए ऐंड्रॉयड बैंकिंग ट्रोजन वायरस की पहचान की है. ये दोनों वायरस मोबाइल यूजर्स के व्यवहार की निगरानी करने के साथ ही उनके गोपनीय बैंकिंग डेटा तक पहुंच हासिल कर रहे हैं.

क्विक हील ने  इसको लेकर एक चेतावनी जारी की है. इसमें बताया कि ये दोनों वायरस कैसे आपके बैंकिंग डेटा में सेंध लगा सकते हैं. 

क्विक हील के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘ऐंड्रॉयड.मार्चर.सी (Android.Marcher.C)’ और ‘ऐंड्रॉयड.एसकब.टी (Android.Asacub.T)’ नाम के दो ट्रोजन मिले है. जो सोशल मीडिया एकाउंट के जरिए लोगों की बैंकिंग गोपनीयता का पता लगा सकते हैं. ये वायरस वाट्सऐप, फेसबुक, स्काइप, इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल ऐप्लिकेशंस के अवाला कुछ प्रमुख बैंकिंग ऐप्स के नोटिफिकेशन का अनुकरण करता है.

क्विक हील के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी संजय काटकर ने कहा, भारतीय ऐंड्रॉयड यूजर्स अक्सर थर्ड पार्टी ऐप स्टोर्स या फिर किसी के द्वारा एसएमएस और ईमेल से भेजे गए लिंक के जरिए बना वेरिफाई किए गए ऐप्स डाउनलोड कर लेते हैं.

इससे हैकर्स को यूजर्स की गोपनीता की जानकारी को चोरी करने का मौका मिल जाता है. उन्होंने बताया कि हमने पिछले 6 महीने से कम समय में इस तरह के तीन मैलवेयर का पता लगाया है. इससे पचा चलता है कि हैकर्स अब मोबाइल यूजर्स को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

क्विकहील ने बताया कि एक असली ऐप दिखने के लिए ऐंड्रॉयड.मार्चर.सी डोब फ्लैश प्लेयर के आइकन का इस्तेमाल करता है. वहीं ऐंड्रॉयड.एसकब.टी ऐंड्रॉयड अपडेट का इस्तेमाल करता है. इससे यूजर्स पहचान नहीं पाते हैं. जब भी यूजर्स इन मैलवेयर के डेटाबेस पर किसी ऐप को ऐक्सिस करते हैं तो उनको बैंकिंग डिटेल्स जैसे लॉगइन आईडी, पासवर्ड की जानकारी मांग ली जाती है. 

First published: 13 June 2018, 15:58 IST
 
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