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2.5 लाख से ज्यादा हर साल चोरी होता है वाहन, सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, अब लगेगा लगाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 July 2019, 13:10 IST

वाहन चोरी के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार के इस कदम से वाहन चोरी की संख्या में कमी आने की संभावना है. दरअसल, सरकार ने अक्टूबर के बाद से जो भी वाहन बनेंगे, उसके नए पार्ट्स में क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर देगा. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय सितंबर में इसे लेकर सभी वाहन निर्माताओं को एक दिशा-निर्देश जारी करेगा.

इस क्यूआर कोड के बारे में बताया जा रहा है कि ये सामान्य रूप से दिखाई नहीं देगा, लेकिन इस कोर्ड को अल्ट्रा वॉलेट किरणों की मदद से देखा जा सकता है. इस कोड से फायदा ये होगा कि इससे वाहन की पहचान मालिकों से की जा सकेगी.

चोरी रोकने में मिलेगी मदद

रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल करीब 2.5 लाख से अधिक वाहन चोरी होते हैं. इस स्थिति में इस व्यवस्था के लागू होने के बाद से वाहन के पार्ट चोरी होने में लगाम लगेगा. अगर गाड़ी के पार्ट चोरी भी होते हैं, तो इस कोड की मदद से चोर आसानी से पकड़ा जा सकता है.

फिलहाल इंजन और चेसिस के अलावा गाड़ी के अन्य पार्टस की पहचान नहीं की जा सकती है. इन पार्ट्स को भी इसलिए पहचाना जाता है, क्योंकि इसमें नंबर दर्ज होते हैं. अगर क्यूआर कोड नियम लागू हो जाता है, तो वाहनों के महंगे पार्ट्स पर निर्माता क्यूआर कोड प्रिंट करेंगे. इसमें इंजन और चेसिस का नंबर भी दर्ज होगा.

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First published: 30 July 2019, 13:10 IST
 
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