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रूस की Coronavirus Vaccine पर नहीं हो पा रहा है भरोसा, पढ़िए AIIMS के निदेशक ने क्या कहा

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 August 2020, 15:46 IST

Russian-made coronavirus vaccine : रूस द्वारा बनाये गए दुनिया के पहले कोरोना वायरस टीके (Coronavirus vaccine) को लेकर जर्मनी का कहना है कि इस वैक्सीन के लिए पर्याप्त टेस्ट नहीं किये गए हैं. जर्मन स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन ने बुधवार को कहा कि लक्ष्य सबसे पहले वैक्सीन बनाना नहीं बल्कि सुरक्षित वैक्सीन बनाना होना चाहिए. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को घोषणा की कि रूस दो महीने से कम समय के परीक्षण के बाद COVID-19 वैक्सीन को नियामक मंजूरी देने वाला पहला देश बन गया है. हालांकि अंतिम परीक्षण पूरा होने से पहले मॉस्को द्वारा टीके को मंजूरी देने के फैसले ने कुछ विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है.

जानकारों का कहना है कि यह लाखों लोगों का टीकाकरण शुरू करने के लिए खतरनाक हो सकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली के निदेशक ने मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक उपयोग के लिए जारी किए जाने से पहले रूस के एंटी-कोरोना वायरस वैक्सीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. कई वैज्ञानिकों ने फेज 3 परीक्षणों से पहले वैक्सीन को पंजीकृत करने के बारे में चिंताएं जाहिर की हैं, जिन्हें पूरा करने में महीनों लगते हैं और हजारों लोगों की भागीदारी की आवश्यकता होती है.


इंडिया टुडे के अनुसार डॉ गुलेरिया ने कहा ''सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि वैक्सीन सुरक्षित है.'' उन्होंने कहा "यह पहला मानक है जिसे दुनिया इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए देखेगा." उन्होंने यह भी कहा कि भारत को वैक्सीन की प्रभावकारिता पर विचार करने और वैक्सीन परीक्षण के सैंपल साइज जैसे कारकों को ध्यान में रखने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि भारत सरकार को यह देखने की भी आवश्यकता होगी कि टीका द्वारा उत्पादित एंटीबॉडी कितने समय तक चलती हैं. पुतिन ने मंगलवार को दावा किया था कि परीक्षण अवधि के दौरान टीके को प्रभावी पाया गया, जो वायरस के खिलाफ एक स्थायी इम्युनिटी प्रदान करता है.

ब्लूमबर्ग के अनुसार रूस के एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल ट्रायल ऑर्गेनाइजेशन ने रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको को लिखा कि 100 से कम लोगों को टीका लगाया गया है और इसका अधिक संख्या पर उपयोग खतरनाक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा "सभी निगम नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमियर ने भी कहा कि वैक्सीन को पंजीकृत होने से पहले परीक्षण के सभी चरणों को पार करना होगा.

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रूसी व्यापार समूह सिस्तेमा ने कहा कि यह उम्मीद है कि टीके के बड़े पैमाने पर उत्पादन में सालभर लग जाएंगे. भारत ने बुधवार को कोरोना वायरस के 60,963 मामले दर्ज किए.भारत में कुल मामलों की संख्या अब 23,29,639 हो गई है.कुल मरने वालों की संख्या 46,091 है.

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First published: 12 August 2020, 15:29 IST
 
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