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मोबाइल से इंस्टॉलेशन के बदले आपका डाटा चोरी कर रहे हैं एप्स, जानिए पूरी सच्चाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2019, 12:12 IST

आज स्मार्टफोन हर किसी की जरूरत बन गया है. ऐसे में बिना फोन की इंसान खुद को अधूरा समझने लगा है. स्मार्टफोन के इस्तेमाल में मोबाइल एप्स भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. लेकिन मोबाइल एप्स आपके मोबाइल में मौजूद डाटा के लिए कितना सुरक्षित हैं इस बारे में शायद ही कोई जानता हो. इस बारे में कई बार सवाल भी उठते रहे हैं. आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि आपके मोबाइल फोन में मौजूद एप्स आपके डाटा को किस तरह चोरी कर रहे हैं.

बता दें कि ज्यादातर एप्स की सबसे बड़ी खासियत ही ये है कि इन्हें फोन में इंस्टॉल करने के लिए आपको कोई कीमत नहीं चुकानी पड़ती. वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे एप्स भरोसेमंद माने जाते हैं. लेकिन यूं ही किसी अनजान और गैरजरूरी एप से बचे रहना ही आपकी स्मार्टनेस है.

बता दें कि स्मार्टफोन एप का मुफ्त होना ही सबसे बड़ा खतरा है. जब किसी एप को इंस्टॉल करने के लिए कोई कीमत नहीं चुकानी होती, तो बहुत से लोग बिना सोचे समझे ऐसे एप्ल को इंस्टॉल कर लेते हैं. लेकिन ये एप्स आपके डाटा के लिए खतरा साबित हो सकते हैं. क्योंकि हमें इस बात को कभी नहीं भूलना चाहिए कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में कुछ भी मुफ्त नहीं होता. कोई एप जो बिना कुछ लिए आपको कोई सुविधा देता है, असल में वह भी आपसे कुछ कीमत जरूर वसूल कर रहा है. जो शायद आपका डाटा चोरी कर कीमत वसूल कर रहा है.

दरअसल, ज्यादातर एप इंस्टॉलेशन के बदले में आपका डाटा चुराते हैं. डाटा में आपका नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारियां शामिल होती हैं. इतना ही नहीं, जाने-अनजाने आप अपने दोस्तों की जानकारी भी ऐसे एप्स को दे रहे हैं जो आपके लिए खतरा पैदा कर सकती हैं. बहुत से एप्स ऐसे भी हैं जो आपका फोन बुक पढ़ने की परमीशन मांगते हैं. ऐसा करते ही आप उन्हें आसानी से अपने दोस्तों का नाम और नंबर दे देते हैं

बता दें कि एप्स कंपनियां इस डाटा का इस्तेमाल मार्केटिंग में करती हैं. कई बार आपके साथ भी ऐसा होता है, जब किसी ऐसे एप या वेबसाइट की ओर से आपको मैसेज आता है, जिसका आपने कभी प्रयोग नहीं किया है. उनमें अक्सर आपके किसी दोस्त का नाम लिखा होता है. कई बार आपके खाते में कुछ पैसे जमा कराने की बात भी कही जाती है. यही नहीं कभी सीधे आपको उस एप से जुड़ने के लिए कहा जाता है.

 

ऐसे रोक सकते हैं अपने मोबाइल में डाटा की चोरी को

बता दें कि आपके स्मार्टफोन में कई एप कंपनी की तरफ से प्री-इंस्टॉल होते हैं. फोन लेते ही पहले आपको ऐसे एप की पहचान करनी चाहिए, जिनका आपके लिए महत्व नहीं है. उन एप्स को फोन से अनइंस्टॉल कर देना ही आपके लिए अच्छे संकेत हैं. बता दें कि जो एप्स गैर-जरूरी हैं और अनइंस्टॉल नहीं हो सकते, उनका अपडेट अनइंस्टॉल कर देना चाहिए. साथ ही ऐसे एप्स का इस्तेमाल ना करें. फोन में पहले से मिले एप्स के अलावा किसी एप को इंस्टॉल करने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि इस एप की आपको जरूरत है या नहीं.

इस बात का भी आपको ध्यान रखने की जरूरत है कि एप अपने एप-स्टोर से ही डाउनलोड करें. एंड्रॉयड फोन के प्ले-स्टोर से या आइफोन के एप-स्टोर से किसी एप को इंस्टॉल करते हुए आप वायरस के खतरों से बचने की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन किसी विज्ञापन पर क्लिक करते समय थर्ट पार्टी एप इंस्टॉल करना आपके लिए खतरे का संकेत है. जिससे आपका निजी डाटा चोरी हो सकता है क्योंकि ऐसे एप्स आपके फोन में मौजूद आपका निजी डाटा चोरी कर सकते हैं.

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First published: 4 February 2019, 12:12 IST
 
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