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WhatsApp पर इस स्पाई से हो रही है आपकी जासूसी, जानिए कैसे करता है यह काम ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 November 2019, 11:11 IST

पेगासस नाम काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. स्पैनिश, इज़राइल-आधारित सुरक्षा कंपनी NSO ग्रुप टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित इस तकनीक का उपयोग भारत में कई पत्रकारों, वकीलों और कार्यकर्ताओं की जासूसी के लिए किया गया है. स्पायवेयर के उत्पाद विवरण के अनुसार एमनैस्टी इंटरनेशनल में सिक्योरिटी लैब के प्रमुख क्लाउडियो गार्नरी द्वारा दस्तावेज क्लाउड पर अपलोड किया गया है, पेगासस का मतलब चुपचाप स्मार्टफोन में घुसपैठ करता है और तीन चीजों पर काम करना है. यह फोन का हिस्टोरिक डेटा एकत्र करता है. लगातार गतिविधि की निगरानी और इस डेटा को तीसरे पक्ष के लिए प्रसारित करना इसका काम है.

एंड्रॉइड और आईओएस सिस्टम के अलावा, पेगासस सिम्बियन और ब्लैकबेरी-आधारित उपकरणों में भी प्रवेश कर सकता है. मैलवेयर फ़िशिंग टेक्स्ट संदेशों के माध्यम से आपके फोन में प्रवेश करता है जो यूजर्स को एक विशेष लिंक पर क्लिक करने के लिए कहता है. व्हाट्सएप में यह मिस्ड वीडियो कॉल के माध्यम से प्रवेः करता है. वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार एक ऑप-एड के माध्यम से व्हाट्सएप के ग्लोबल हेड, विल कैथार्ट द्वारा इसकी पुष्टि की गई थी.

 

इस स्पाइवेयर का iOS संस्करण पहली बार (2016 में) पाया गया था, जबकि यह सुरक्षा फर्म लुकआउट द्वारा, सिक्योरिटी एनालिस्ट्स समिट 2017 में भी एंड्रॉइड पर होने की बात सामने आई थी. पेगासस के तकनीकी विश्लेषण से एक बात स्पष्ट है इसका केवल व्हाट्सएप केवल पीड़ित नहीं है.

पेगासस डेटा को तब तक प्रसारित नहीं करता है जब कोई स्मार्टफोन रोमिंग पर होता है और जब तक कि यह वाईफाई पर न हो. स्पायवेयर एक एन्क्रिप्टेड बफर में आपके फोन पर डेटा एकत्र करता है और संग्रहीत करता है, जिसे आप रोमिंग से बाहर जाने के बाद प्रसारित करने की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं. यह तब अपना काम करता है जब फोन में इंटरनेट कनेक्शन नहीं होता है या 5% बैटरी से कम होती है.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपको कभी भी पता न लगे कि पेगासस को आपके फोन पर 5% से अधिक खाली जगह का उपयोग कभी नहीं किया गया है. इसलिए यदि आपके पास 10GB खाली जगह है तो मैलवेयर एक बार में लगभग 500MB का ही उपयोग करेगा, ऐसा कुछ जो स्मार्टफोन पर पता लगाना असंभव है, भले ही आप जाँच कर रहे हों. पेगासस पहली बार पहले आधार पर डेटा निकालता है अगर वह कुछ समय के लिए अपने सर्वर पर संचारित नहीं कर पाता है.

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First published: 1 November 2019, 11:11 IST
 
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