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नए अध्ययन में खुलासा- आंसुओ से भी फैलता है कोरोना वायरस, पढ़िए कैसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 August 2021, 14:01 IST

 

Covid-19 Update : कोरोना वायरस आमतौर पर खांसी या छींकने से निकलने वाले बलगम या बूंदों से फैलता है, अब सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर के एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि आंखों से निकलने वाले आंसुओं डर भी कोरोना वायरस फैलता है.

अध्ययन में कहा गया है कि फेकल-ओरल और कंजंक्टिवल स्राव जैसे अन्य मार्गों से संचरण (वायरस के) के जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है." अध्ययन ने पॉजिटिव रोगियों के आंसुओं में घातक वायरस की उपस्थिति का अध्ययन किया.


इंडियन जर्नल ऑप्थल्मोलॉजी (Indian Journal Ophthalmology)के नवीनतम संस्करण में प्रकाशित इसी तरह के एक अध्ययन में कहा गया है कि कोविड-19 ओकुलर के या आंसू में मौजूद हो सकता है. इस रास्ते कोविड रोगी और चिकित्सा कर्मचारियों की देखभाल करने वाले को वायरस के संक्रमण का खतरा रहता है.

महाराष्ट्र ने अब तक कोविड -19 डेल्टा प्लस वैरिएंट के 66 मामले दर्ज किए गए हैं. महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि 66 संक्रमित व्यक्तियों में से कुछ को पूरी तरह से टीका लगाया गया था और उनमें से पांच की मौत हो गई है. 66 रोगियों में से 10 ने दोनों टीकों की खुराक ली थी. आठ अन्य लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक ली थी.

मुंबई में एक 63 वर्षीय पूर्ण टीकाकरण वाली महिला ने जुलाई के अंतिम सप्ताह में संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया, जब शहर में डेल्टा प्लस संस्करण के कारण पहली मौत हुई. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कहा कि मुंबई में महिला की मौत के बाद उसके कम से कम दो करीबी भी डेल्टा प्लस संस्करण से संक्रमित पाए गए.

 

First published: 14 August 2021, 13:59 IST
 
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