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मोबाइल फोन स्विच ऑफ करना आपको पड़ सकता है महंगा, ये है खास वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 January 2019, 14:12 IST

क्या आप जानते हैं मोबाइल स्विच ऑफ आपको परेशानी में डाल सकता है. क्योंकि ऐसा करने से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है. हो सकता है ये खबर पढ़कर आपके यकीन ना हो, लेकिन ये बात बिल्कुल सच है और ये किसी के साथ भी हो सकता है. दरअसल, हाल ही में बैंक फ्रॉड की कई घटनाएं सामने आई हैं जिसमें हैकर्स मोबाइल नंबर की मदद से किसी के भी बैंक अकाउंट से पैसे निकालने में सफल रहे. हाल ही में मुंबई के एक व्यापारी ने 1.86 करोड़ रुपये गवां दिए. व्यापारी का मोबाइल फोन उसके हाथ ही में था. एकदम से नेटवर्क गायब हुआ और बैंक अकाउंट से करोड़ों रुपये गायब हो गए.

बता दें कि तकनीक के विकसित होने से हमें जितनी सुविधाएं मिली है उससे उतने ही नुकसान भी हो रहे हैं. आपराधिक प्रवृति के लोग इस तकनीक का दुरुपयोग कर आम लोगों के लिए मुसीबत पैदा कर रहे हैं. बता दें कि डिजिटल युग की तरफ बढ़ते हुए देश के अधिकतर अकाउंट मोबाइल नंबर और आधार नंबर से लिंक हैं.

ऐसे में हैकर्स बैंक अकाउंट होल्डर का सिम स्वैप कर बैंक की जानकारी हासिल कर लेते हैं. उसके बाद बैंक से मोबाइल बैंकिंग के जरिए पैसे निकालने में सफल हो जाता हैं. बता दें कि हैकर्स ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि बैंकिंग सेवा में लेन-देन के आपके मोबाइल पर ही OTP यानि वन टाइम पासवर्ड आता है. हैकर्स ने इसके लिए सिम स्वैप का तरीका ढ़ूंढ निकाला है.

बता दें कि सिम स्वैप वो तकनीकी है जिसमें एक मोबाइन नंबर के लिए मौजूदा सिम को बदलकर उसकी जगह पर एक नया सिम कार्ड ले लेगा. अमूमन सिम कार्ड खराब होने पर या फिर नेटवर्क की समस्या आने पर यूजर्स अपने सिम कार्ड को बदलवाते हैं.

लेकिन हैकर्स ने इस सिम स्वैप तरीके का इस्तेमाल कर कई लोगों के बैंक अकाउंट में सेंध लगाई है. बता दें कि बिना आपके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन्स के टेलिकॉम कंपनियां आपको नया सिम कार्ड इश्यू नहीं करती हैं, बावजूद इसके हैकर्स ऐसा करने में सफल हो जाते हैं.

बता दें कि हैकर्स या धोखाधड़ी करने वाले लोग आपके फोन पर कॉल करते हैं और खुद को आपके सिम की कंपनी का कस्टमर एक्जीक्यूटिव बताते हैं. वे कोई बहाना बनाकर आपसे आपकी सिम का नंबर मांगते हैं, जैसे कि- नेटवर्क कमजोर होने के चलते वे आपके सिम को अपग्रेड करने का ऑफर देते हैं फिर आपके नंबर पर किसी खास प्लान का ऑफर आया है और आपको नई सिम खरीदनी पड़ेगी.

उसके बाद शुरु होता है इस गोरखधंधे का काम. इसी के चलते ज्यादातर लोग इस बहकावे में आ जाते हैं और अपना सिम नंबर बता देते हैं. 20 अंकों वाला सिम नंबर बताने के बाद आपसे कहा जाता है कि आप नंबर को कंफर्म करने के लिए 1 दबाएं.

जैसे ही आप 1 दबाते हैं, वैसे ही आपके नंबर पर खुद--खुद नए सिम के लिए रिक्वेस्ट डाल दी जाती है. जैसे ही आप 1 नंबर प्रेस करते हैं, आपकी सिम कार्ड कंपनी के पास नए सिम की रिक्वेस्ट पहंच जाती है. इसके बाद आपके पास जो सिम है वह बंद हो जाता है और धोखाधड़ी करने वाले लोगों के पास जो सिम है वह चालू हो जाता है. इसके बाद आपके नंबर से जितने भी बैंक खाते जुड़े हैं, उनसे पैसा निकाल लिया जाता है.

कई बार ठग आपसे मोबाइल नंबर के साथ आधार नंबर भी मांगते हैं, क्योंकि बैंक खाते व अन्य कई योजनाएं आधार से जुड़ी हैं. कई बार हम अपने फोन को स्विच ऑफ कर देते हैं. ऐसे में आपके सिम कार्ड बदलने से जुड़े मैसेज या फिर बैंक की लेन-देन की जानकारी भी आपको नहीं मिलती है. इसलिए आप अपने फोन को स्विच ऑफ करने से बचें.

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First published: 5 January 2019, 14:18 IST
 
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