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स्मार्टफोन चार्जर को वायरलेस बनाने की ट्रिकः असली या नकली

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 27 October 2016, 17:56 IST

इन दिनों सोशल मीडिया पर सामान्य स्मार्टफोन के चार्जर को वायरलेस बनाने का वीडियो काफी वायरल हो रहा है. संभव है कि आपने भी इसे देखा हो या फिर किसी ने इसे शेयर किया हो. लेकिन सोशल मीडिया पर केवल देखकर किसी भी चीज को हकीकत समझने वालों की भारी तादाद के चलते यह वायरल हो गया. 

हालांकि हकीकत में यह वीडियो कुछ और नहीं एक फर्जीवाड़ा है जो केवल ऑनलाइन यूजर्स के व्यूज पाने के लिए बनाया गया है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई वीडियो आता है तो इससे सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि यह न केवल आपको गलत जानकारी देता है, यह आपका वक्त, इंटरनेट डाटा पर इस्तेमाल किए जाने वाले पैसे के साथ आपके व्यूज भी खाता है, जो इस वीडियो को पोस्ट करने वाले को मुनाफा करवाता है.

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यूट्यूब के ऐडियोलॉजी चैनल द्वारा यह वीडियो बीते 2 सितंबर 2016 को अपलोड किया गया था. 4 मिनट 18 सेकेंड के इस वीडियो में दिखाया गया है कि स्मार्टफोन के यूएसबी चार्जर पर एक चुंबक (मैग्नेट) चिपका दिया जाता है. जबकि इसकी यूएसबी केबल को दो टुकड़ों में काटकर दोनों पोर्ट (यूएसबी और यूएसबी सी टाइप) के अंदर निकले दो तारों पर सिल्वर फ्वॉयल लपेटने के बाद उनपर ताबें का तार लपेट दिया जाता है और उनके ऊपर फिर बिजली का टेप लपेट देते हैं. 

इसके बाद यूएसबी चार्जिंग पोर्ट के तार पर एक बार और तांबे का तार लपेटा जाता है फिर इसे चार्जिंग में लगाते हैं और स्मार्टफोन में चार्जिंग पोर्ट लगाते हैं और 10 से लेकर 50 फीट की दूरी से भी यह फोन चार्ज करने लगता है.

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यूट्यूब पर इस वीडियो को 8 लाख से भी ज्यादा लोगों ने देखा है जबकि 9,635 ने लाइक और 3,728 ने अनलाइक करने के अलावा 1,961 ने कमेंट भी किए हैं. वहीं, सोशल मीडिया के दूसरे प्लेटफॉर्म मसलन फेसबुक, ट्विटर पर भी अलग-अलग यूजर्स द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो को लाखों व्यूज और लाइक्स मिल चुके हैं.

पर हकीकत क्या है हम बताते हैं. अगर इस वीडियो को देखें तो इसका पहला सबसे बड़ा झूठ तो यही है कि वीडियो मेकर बिना पॉवर स्विच ऑन किए ही चार्जर को लगाकर वायरलेस चार्जिंग दिखाता है. 

वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक स्मार्टफोन चार्जर डीसी (डायरेक्ट करंट) पैदा करते हैं जबकि वायरलेस इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसफर के लिए एसी (अल्टरनेट करंट) चाहिए होता है, ऐसे में यह वायरलेस चार्जिंग कर ही नहीं सकता. 

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First published: 27 October 2016, 17:56 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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