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इस फोन के डिस्प्ले में ही होगा iPhone FaceID से ज्यादा सुरक्षित फिंगरप्रिंट सेंसर

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 December 2017, 15:13 IST
(यूट्यूब)

टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Synaptics ने Vivo के साथ मिलकर डिस्प्ले में ही फिंगरप्रिंट सेंसर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बता दें Vivo स्मार्टफोन बनाने के मामले में टॉप 5 कपंनियों में शुमार है. ऐसा पहली बार है जब किसी मोबाइल के डिस्प्ले में ही फिंगरप्रिंट मिलेगा.

Vivo ने इस तकनिकी से लैस फोन बनाने का काम भी शुरु कर दिया है. हाल ही में कंपनी ने क्वालकॉम के साथ मिलकर भविष्य में स्क्रीन के नीचे फिंगरप्रिंट सेंसर लगाने का समझौता किया था.

एनालिस्ट पैट्रिक मूरहेड को Vivo के नए स्मार्टफोन के प्रोडक्शन से पहले ही Synaptics के 'इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर' टेक्नोलॉजी से लैस फोन से रूबरू होने का मौका मिला. इसे Clear ID का नाम दिया गया है.

फ़ोर्ब्स के मुताबिक मूरहेड ने कहा, "यह एक तेज और सामान्य अनुभव था' -इस टेक्नोलॉजी के जरिये स्मार्टफोन के डिस्प्ले के निचले भाग में अंदर एक सेंसर लगा हुआ है जो फिंगरप्रिंट की चमक दिखाता है और यहां अंगुली टच करने के बाद मोबाइल अनलॉक हो जाएगा."

यहां तक कि Synaptics ने ये भी कहा है कि यह टेक्नॉलजी Apple की हालिया सिक्योर अनलॉकिंग टेक्नोलॉजी यानी FaceID को भी मात दे देगी और उससे भी ज्यादा काफी हद तक सिक्योर भी होगी.

मूरहेड कहते हैं कि स्मार्टफोन के डिस्प्ले में फिंगरप्रिंट सेंसर को इनेबल करने की निर्माण प्रक्रिया में फ़िलहाल कोई समस्या है लेकिन यह जल्द सही हो जाएगी. एनालिस्ट का कहना है कि अगले साल के आखिर तक बाजार में इस तकनीकी से लैस करीब 7 करोड़ मोबाइल बाजार में होंगे.

इन-डिस्प्ले सेंसर से लैस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी और शानदार खूबी यह है कि इससे फोन निर्माताओं को आने वाले भविष्य में ज्यादा से ज्यादा बड़ी स्क्रीन लगाने का मौका मिलेगा. जहां Apple फिंगरप्रिंट सेंसर के बगैर स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, Samsung, OnePlus जैसी कंपनियां इसका इस्तेमाल फोन के रीयर पैनल पर कर रही हैं, जो बहुत ज्यादा सहूलियत भरी जगह नहीं मानी जाती है.

आईडीसी के मुताबिक Vivo स्मार्टफोन टॉप पांच ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरर्स (ओईएम) में शुमार है और यह Samsung, Apple, Huawei, Oppo और Xiaomi के बाद आता है. यह आंकड़ें 2017 की तीसरी तिमाही में कंपनी द्वारा किए गए शिपमेंट के परिणाम के बाद आए हैं.

Vivo की ही एक अन्य कंपनी Oppo है, जिनका स्वामित्व बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स के पास है और इससे पहले इसने VOOC नाम की फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी लाकर स्मार्टफोन बाजार में तबाही सा मंजर ला दिया था. OnePlus भी इसी कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है.

First published: 16 December 2017, 15:13 IST
 
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