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फ्लाइंग टैक्सी: बहुत जल्द ही आपको उड़ाकर गंतव्य पर पहुंचाएगी उबर

साहिल भल्ला | Updated on: 27 September 2016, 7:13 IST
QUICK PILL
  • गूगल मैप को टक्कर देने के लिए उबर पूरी तरह से तैयार है. गूगल ने हाल ही में वैसी कैब सर्विसेज की शुरुआत की है जिसमें ड्राइवर की जरूरत नहीं होती है और यह कैब्स गूगल मैप्स की मदद से चलते हैं. उबर की योजना दुनिया के सार्वजनिक परिवहन को एक व्यवस्था में बदलने की है.
  • कंपनी की योजना शहरों में छोटी दूरी की उड़ान सेवा देने की है. कंपनी छोटे विमानों के बारे में रिसर्च कर रही है जो बिना दौड़े टेक ऑफ कर सकें  और फिर उसी तरह से लैंड कर सकें. इस टेक्नोलॉजी का नाम वीटीओएल (वर्टिकल टेक ऑफ एंड वर्टिकल लैंडिंग) है. वीटीओएल अपने आप में एक विमान है जिसके टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रक्रिया बेहद समान है. कमोबेश यह हेलिकॉप्टर की तरह है.

गूगल मैप को टक्कर देने के लिए उबर पूरी तरह से तैयार है. गूगल ने हाल ही में वैसी कैब सर्विसेज की शुरुआत की है जिसमें ड्राइवर की जरूरत नहीं होती है और यह कैब्स गूगल मैप्स की मदद से चलते हैं. उबर की योजना दुनिया के सार्वजनिक परिवहन को एक व्यवस्था में बदलने की है.

लेकिन उबर यह काम टैक्सी की मदद से नहीं करना चाहती है. उबर प्रॉडक्ट के हेड जेफ होल्डेन बताते हैं कि उनकी नजर अन्य परिवहन विकल्पों पर है. उन्होंने हवाई परिवहन के विकल्पों से भी इनकार नहीं किया.

उब एयर

कंपनी की योजना शहरों में छोटी दूरी की उड़ान सेवा देने की है. कंपनी छोटे विमानों के बारे में रिसर्च कर रही है जो बिना दौड़े टेक ऑफ कर सकें  और फिर उसी तरह से लैंड कर सकें. इस टेक्नोलॉजी का नाम वीटीओएल (वर्टिकल टेक ऑफ एंड वर्टिकल लैंडिंग) है. वीटीओएल अपने आप में एक विमान है जिसके टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रक्रिया बेहद समान है. कमोबेश यह हेलिकॉप्टर की तरह है.

हालांकि यह पूरी तरह से हेलिकॉप्टर भी नहीं है. उन्होंने कहा, 'इस प्लेन में कई रोटर्स हैं . इसके विंग को मोड़ा जा सकता है और इसके बैटरी तक का इस्तेमाल किया जा सकता है.' उबर के परिवहन विकल्पों पर विचार किए जाने की योजना को देखते हुए हम यह कह सकते हैं कि आने वाले दिनों में उबर हमारे बीच उड़ने वाली टैक्सी के तौर पर मौजूद होगा.

समय के बारे में आप पूछ सकते हैं कि यह कब होगा? करीब एक दशक के भीतर. यह एक आशावादी अनुमान है क्योंकि अभी तक हमारे पास ऐसी कार नहीं है जो उड़ सके. लेकिन तकनीक की रफ्तार देखते हुए कहा जा सकता है कि ऐसी कार बनाना संभव है.

गूगल और एमेजॉन के साथ काम कर चुके  होल्डन ने हाल ही में पिट्सबर्ग में खुद से चलने वाली कार का सफल परीक्षण किया है.

उन्होंने कहा, 'उबर की योजना अभी शुरुआती दौर में है. हर जगह एयरपोर्ट बनाने का विचार है. यह किसी बिल्डिंग की छत हो सकती है .' होल्डन ने कहा कि आप इस बारे में सोचिए कि जब कई लोग इसका इस्तेमाल उबर पूल की तरह करेंगे. उबर पहले भी हेलिकॉप्ट सेवा की पेशकश कर चुकी है. लेकिन यह सिर्फ मार्केटिंग की कवायद थी. 

आदर्श तौर पर उबर की योजना इस विमान के आकार को छोटा करने की है ताकि टेक ऑफ और लैंडिंग में परेशानी नहीं हो सके.

विमानों का भविष्य

वीटीओएल  कोई ऐसी सेवा नहीं है जिसका व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता हो. यह सेना तक सीमिति है.

एक अन्य कंपनी एयरबस भी इस तरह की कारों को लेकर विचार कर रही है. एयरबस फिलहाल विमान बनाती है. एयरबस सिलिकॉनन वैली ए3 फिलहाल इस तरह के विमानों को लेकर शोध कर रही है जिसका इस्तेमाल टैक्सी की तरह किया जा सके और इसका इस्तेमाल लोगों और सामानों की आवाजाही दोनों के लिए किया जाएगा. एयरबस ने इस तरह की प्रोटोटाइप के लिए 2017 की डेडलाइन तय की है.

इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी के एलन मस्क भी वीटीओएल के बारे में बात करते हैं. एक और चीनी कंपनी एहंग ऐसा ही कुछ बनाने की कोशिश कर रही है.

साल की शुरुआत में कंपनी ने पैसेंजर को ढ़ोने के लिए 184 नाम के चॉपर को बनाया था. इसके बैटरी की क्षमता 23 घंटे थी और लागत 300,000 डॉलर. होल्डन ने कहा, 'यह शहर को बदल सकता है और हमारी जिंदगी भी.' 

First published: 27 September 2016, 7:13 IST
 
साहिल भल्ला @IMSahilBhalla

Sahil is a correspondent at Catch. A gadget freak, he loves offering free tech support to family and friends. He studied at Sarah Lawrence College, New York and worked previously for Scroll. He selectively boycotts fast food chains, worries about Arsenal, and travels whenever and wherever he can. Sahil is an unapologetic foodie and a film aficionado.

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