Home » साइंस-टेक » What forces 'character-less' Twitter to increase it's character limit from 140 to 280
 

जानिए क्यों Twitter को बढ़ानी पड़ी कैरेक्टर लिमिट?

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 September 2017, 19:02 IST

प्रमुख माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट Twitter ने परीक्षण के लिए अपने शब्दों की सीमा बढ़ी दी है. पहले जहां Twitter पर एक यूजर अधिकतम 140 कैरेक्टर्स में ही ट्वीट कर सकता था, अब इसे टेस्टिंग पीरियड के लिए 280 कैरेक्टर्स कर दिया गया है. हालांकि यहां जानना दिलचस्प है कि आखिर शब्दों की सीमा के साथ लोगों को अभिव्यक्ति का मौका देने वाले Twitter को इसकी जरूरत क्यों पड़ी? क्यों 140 कैरेक्टर लिमिट वाले Twitter ने इस सीमा को दोगुना कर दिया?

इसके लिए सबसे पहले Twitter के मूल स्वभाव को समझना जरूरी है. सीधे शब्दों में कहें तो Twitter एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जो यूजर्स को सीधे और सधे हुए शब्दों में अपनी भावनाएं जाहिर करने का मौका देता है.

इस प्लेटफॉर्म पर 140 कैरेक्टर्स की लिमिट (सीमा) है, यानी हर अल्फाबेट-अक्षर, मात्रा (हिंदी में) एक कैरेक्टर है. जहां अंग्रेजी में Twitter में 7 कैरेक्टर्स हैं, हिंदी में ट्विटर लिखने पर यह 6 कैरेक्टर्स हो जाते हैं. अंग्रेजी के अल्फाबेट I में एक ही कैरेक्टर है लेकिन इसके हिंदी अनुवाद 'मैं' में तीन कैरेक्टर्स हैं.

इसका मतलब Twitter का पूरा मामला ही कैरेक्टर्स पर टिका हुआ है. एक ट्वीट में अपनी पूरी बात कह देने का मतलब है कि यूजर बहुत तेज दिमाग, शब्दों का जादूगर और स्पष्ट है. जबकि तमाम यूजर्स को इस प्लेटफॉर्म पर अपनी पूरी बात कहने में शब्दों की कमी पड़ती है.

ऐसे में लोग अपनी भावनाएं पूरी तरह व्यक्त कर सकें, पूरी बात कह पाएं और उन्हें ऐसा न लगे कि एक ट्वीट करने के बावजूद वो अपना संदेश नहीं दे पाए हैं, Twitter पर कैरेक्टर लिमिट बढ़ाने की जरूरत पड़ी. यानी Twitter की खूबी ही उसके लिए एक खामी बन गई, जिसे इस प्लेटफॉर्म के विस्तार के लिए जरूरी समझा जाने लगा.

फिलहाल कंपनी ने इसे चुनिंदा यूजर्स के लिए परीक्षण स्वरूप ही पेश किया है, लेकिन पूरी उम्मीद है जब Twitter एक ट्वीट में 280 कैरेक्टर्स की लिमिट की घोषणा जल्द ही कर देगा.

वहीं, Twitter की प्रोडक्ट मैनेजर एलिजा रोसेन ने एक ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि Twitter में अभिव्यक्ति के लिए भाषाएं बाधा बन रही हैं. रोसेन ने बताया कि अलग-अलग भाषाओं में ट्वीट करने में यह शब्द सीमा अलग-अलग भूमिका निभाती है.

जैसे अंग्रेजी में 140 कैरेक्टर्स का ट्वीट करने वालों की संख्या ज्यादा है जबकि जापानी भाषा में इनकी तादाद तकरीबन नगण्य है. एक ग्राफ के जरिये उन्होंने दिखाया कि जापानी भाषा के अधिकांश ट्वीट्स 15 कैरेक्टर्स में ही पूरे हो जाते हैं जबकि अंग्रेजी में इनके लिए 34 कैरेक्टर्स की जरूरत पड़ती है.

इसके साथ ही महज 0.4 फीसदी जापानी ही 140 कैरेक्टर्स वाली Twitter की लिमिट तक पहुंच पाते हैं, जबकि अंग्रेजी में इनकी तादाद 9 फीसदी है. जो जापानी की तुलना में बहुत ज्यादा है. जापानी की ही तरह चीनी, कोरियाई भाषा में भी ट्वीट करने में कम कैरेक्टर्स की जरूरत पड़ती है जबकि अंग्रेजी, स्पेनिश, पुर्तगाली या फिर फ्रेंच भाषा में ट्वीट के लिए ज्यादा कैरेक्टर्स की जरूरत पड़ती है.

ऐसे में हर भाषा का व्यक्ति इस प्लेटफॉर्म पर खुद को खुलकर लेकिन सीमित शब्दों में व्यक्त कर सके इसके लिए Twitter की कैरेक्टर लिमिट को दोगुना कर 280 किया जा रहा है. इससे पहले बीते मार्च महीने में Twitter ने ट्वीट के रिप्लाई में टेक्स्ट लिमिट बढ़ा दी थी. Twitter ने इस पिछले बदलाव में रिप्लाई में शामिल नामों को टेक्स्ट लिमिट से हटा दिया है. बीते साल 2016 में Twitter 140 कैरेक्टर के मैसेज में छूट देने की घोषणा की थी.

First published: 28 September 2017, 19:02 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी