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क्या है फ्रीडम 251 स्मार्टफोन के इतना सस्ता होने का राज?

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 18 February 2016, 20:15 IST

सभी को पता है कि मुफ्त में कुछ भी नहीं मिलता. जाहिर है सस्ता भी कुछ नहीं होता. अब सितंबर 2015 में बनी नोएडा के सेक्टर 63 स्थित रिंगिंग बेल्स कंपनी दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन लेकर आ रही है. पूरी दुनिया में इस पर बहस छिड़ गई है कि जब मैन्यूफैक्चरिंग का बादशाह चीन भी इतना सस्ता स्मार्टफोन नहीं ला सका, तो कैसे भारत ऐसा कर पा रहा है. 

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कैच ने इस बारे में कई स्रोतों और विशेषज्ञों से पुख्ता जानकारी हासिल की और आपको बताते हैं कि क्यों यह स्मार्टफोन इतना सस्ता है. इस मोबाइल को लॉन्च करने और हर हाथ तक पहुंचाने के पीछे तमाम वजहें हैं. 

  • पहली वजह यह कि इस मोबाइल के निर्माण के पीछे भारत सरकार का हाथ है. डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने की दिशा में यह स्मार्टफोन मील का पत्थर साबित होगा.
  • सरकार ने इस मोबाइल में प्रीइंस्टॉल्ड सरकारी ऐप यानी पहले से ही ऐप इंस्टॉल कर रखे हैं. इनमें स्वच्छ भारत, वीमेन सेफ्टी, फिशरमैन, फार्मर, मेडिकल जैसे ऐप शामिल हैं. यानी इन्हें मोबाइल से हटाया या डिलीट नहीं किया जा सकता. फेसबुक-व्हाट्सऐप जैसे प्रीइंस्टॉल्ड ऐप भी दिए गए हैं जो इसे सोशल मीडिया के लिए भी बेहतर बनाएंगे. 
  • इन ऐप का मतलब कि इन योजनाओं से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचेगी और लोगों से जुड़े आंकड़े सरकार तक पहुंचेंगे.
  • इस मोबाइल की बिक्री अधिकांश भारतीयों को इंटरनेट और डिजिटल इंडिया से जोड़ देगी. यानी सरकार के पास इतने लोगों तक अपनी पहुंच आसान करने और उन पर नजर रखने का मौका हो जाएगा.
  • सरकार अपनी योजनाओं के लिए विज्ञापन जारी करने की रकम का अगर कुछ हिस्सा इस योजना में खर्च कर देती है तो भी यह हर तबके के लोगों तक सीधे पहुंच बना लेगी.
  • मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां भी सरकार के जरिये इस हैंडसेट निर्माण में मदद कर सकती हैं. क्योंकि सीधी सी बात है कि जितने ज्यादा स्मार्टफोन यूजर्स होंगे उतने ही ज्यादा इन सर्विस प्रोवाइडरों  के पास ग्राहक होंगे. रिलायंस, एयरटेल, वोडाफोन, टाटा जैसी कंपनियों को स्मार्टफोन यूजर्स बढ़ने से ज्यादा ग्राहक मिलेंगे.
  • फेसबुक भी देश के हर वर्ग और भारी जनसंख्या तक पहुंच बनाने के लिए सरकार को इस सस्ते हैंडसेट निर्माण में निवेश करने के लिए मदद कर सकती है.

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First published: 18 February 2016, 20:15 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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