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किताब चोर सावधान! विश्व पुस्तक मेले में हाईटेक तकनीक ने 40 से ज्यादा को रंगे हाथ पकड़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 January 2017, 13:38 IST

दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला चल रहा है. दिल्ली के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां लोग किताबें खरीदने पहुंच रहे हैं. हर आयोजन की तरह विश्व पुस्तक मेला भी चोरों से अछूता नहीं है. किताब खरीदने की आड़ में पहले भी विश्व पुस्तक मेले के दौरान किताब चोरी की तमाम घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 

अब इससे निपटने के लिए पब्लिशर्स ने एक हाईटेक तरकीब निकाली है. मशहूर पब्लिशर पेंग्विन ने अपने स्टाल पर किताब चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए चिप सेंसर की तकनीक का इस्तेमाल किया है. 

कैच से बातचीत में पेंग्विन इंडिया के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट अजय जोशी ने बताया, 'विश्व पुस्तक मेले में इस हाईटेक तकनीक को सफलतापूर्वक अमल में लाया जा रहा है. चार दिन में हमने 40 से 50 लोगों को पकड़ा है.'

कैच को जानकारी देते हुए पेंग्विन प्रकाशन के अजय जोशी ने बताया कि बहुत से पढ़े-लिखे और अच्छे परिवेश के लोग इस तकनीक की बदौलत रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं.

ऐसे काम करती है चिप सेंसर तकनीक

कैच ने जानने की कोशिश की कि आखिर कैसे इस तकनीक का इस्तेमाल बुक फेयर में हो रहा है. कैच को जानकारी देते हुए पेंग्विन के प्रतिनिधि ने बताया कि EAS यानी इलेक्ट्रॉनिक आर्टिकल सर्विलांस के जरिए ऐसा सफलतापूर्वक किया जा रहा है. 

यह तकनीक बड़े मॉल में भी इस्तेमाल होती है जिसे हार्ड टेक कहते हैं. पेंग्विन के प्रतिनिधि ने बताया कि बुक फेयर इस्तेमाल हो रही चिप इसी तकनीक पर काम करती है लेकिन इसकी फ्रीक्वेंसी कम होती है. इसे तकनीकी भाषा में सॉफ्ट टेक कहते हैं. चिप सेंसर को बुक फेयर में मौजूद पेंग्विन प्रकाशन की सभी किताबों में लगाया गया है. 

5 से 10 लाख तकनीक पर खर्च

पेंग्विन के मुताबिक स्टॉल के एग्जिट (निकास द्वार) पर एंटेना लगे हैं, जहां पर गार्ड निगरानी करते हैं. किताब सेलेक्ट करने के बाद बिलिंग करते वक्त स्टिकर बेस्ड चिप को निष्क्रिय (डीएक्टिवेट) कर दिया जाता है. जिससे बाहर निकलते वक्त यह बीप नहीं करता है. 

अगर कोई बिना बिल के किताब लेकर निकलने की कोशिश करता है तो एग्जिट के दौरान चिप बीप करने के साथ ही लाल बत्ती भी ब्लिंक करने लगती है. पेंग्विन का कहना है कि तकनीक की बदौलत चार दिन में ऐसे चालीस से ज्यादा मामले पकड़े जा चुके हैं. खास बात यह है कि पेंग्विन ही इस हाईटेक तरीके का प्रयोग कर रहा है. इससे किताब चोरी की घटनाओं पर रोक लगी है. इस तकनीक पर पांच से दस लाख रुपये का खर्च आता है. विश्व पुस्तक मेला 15 जनवरी तक चलेगा.

First published: 12 January 2017, 13:38 IST
 
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