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बड़े दिलवालाः जुकरबर्ग और प्रिसिला दान करेंगे अपनी संपत्ति

श्वेता सेंगर | Updated on: 2 December 2015, 22:30 IST
QUICK PILL
  • फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी डॉ. प्रिसिला चान ने अपनी फेसबुक से कमाई गई संपत्ति का 99 फीसदी हिस्सा अपने चैरिटेबल ट्रस्ट में दान देने की घोषणा की.
  • एक अनुमान के मुताबिक मौजूदा 99 फीसदी शेयर की कीमत तकरीबन 297 हजार करोड़ रुपये है. इस दान के साथ ही मार्क संपत्ति दान देने के इतिहास में सबसे बड़े दानदाता बन गए है.

फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी डॉ. प्रिसिला चान ने आज अपनी फेसबुक से कमाई गई 99 फीसदी संपत्ति को अपने चैरिटेबल ट्रस्ट को दान देने की घोषणा की. 

अपनी नवजात बेटी मैक्सिमा चान जुकरबर्ग के जन्म की घोषणा करते हुए मार्क और प्रिसिला ने मानवता के उत्थान की दिशा में अपने हिस्से का योगदान देने के वचन के साथ यह घोषणा की.

मौजूदा कीमत के हिसाब से मार्क के 99 फीसदी शेयर की कीमत तकरीबन 297 हजार करोड़ रुपये है. इस परोपकारी कार्य के साथ ही मार्क का दान देने के इतिहास में सबसे बड़े दानदाता बन गए हैं.

यह धन एक लिमिटेड लायबिलटी कंपनी, चान जुकरबर्ग फाउंडेशन में जाएगा. इस फाउंडेशन के बारे में फेसबुक बताता है कि, "यह गैर सरकारी संगठनों में फंडिंग कर नीतिगत बहसों के जरिए अपना लक्ष्य पाने का प्रयास कर रही है. इसक प्रमुख लक्ष्य जरूरतमंद क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने की है."

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एसईसी फाइलिंग के मुताबिक, "जुकरबर्ग ने अपनी आय को जीवनभर दान करने का संकल्प लिया है. फेसबुक के सीईओ ने 'निकट भविष्य के लिए' कंपनी में अपनी मेजर हिस्सेदारी बनाए रखने की योजना भी बना रखी है. 

द वर्ज के मुताबिक, "मौजूदा घोषणा के तहत तीन साल तक तीन हिस्सों में दान मिलेगा. यह जुकरबर्ग के शेयरों को बेचकर जुटाया जाएगा. लेकिन एक साल में अधिकतम 6600 करोड़ रुपये का ही दान दिया जाएगा. इस निवेश से होने वाले किसी भी तरह के मुनाफे को इसी में लगाकर और ऊंचे लक्ष्यों को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा."

जुकरबर्ग ने इस पहल की घोषणा अपनी नवजात बेटी को लिखे एक पत्र में की, इसमें दो प्राथमिक लक्ष्य तय किए गए हैं. पहला लक्ष्य है, "मानव जीवन जितना ऊंचा हो सकता है, उस सीमा तक पहुंचने की कोशिश और करना." इसके लिए दवाएं, आर्थिक अवसर और सूचना की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.

परियोजना के दूसरे हिस्से में गरीबी दूर करने और कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों को सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा. पत्र में आगे लिखा है, "हमारे समाज को न केवल न्याय और दान के लिए बल्कि मानव प्रगति के विकास के लिए भी यह करना चाहिए."

अपनी योजना इंटरनेट.ओआरजी से संबद्ध

जुकरबर्ग ने जिन लक्ष्यों की घोषणा की है उनमें सेे कुछ उनके विवादास्पद इंटरनेट.ओआरजी (फ्री बेसिक्स) प्रोजेक्ट से जुड़े हैं. अपने पत्र में जुकरबर्ग नेे उल्लेख किया है कि, "हमारे अनुभव, सामुदायिक शिक्षा, इंटरनेट की उपलब्धता और स्वास्थ्य से हमारा दर्शन तय होता हैं. हमारी पीढ़ी स्कूली कक्षाओं में पढ़ी है जहां सब अपनी रुचियों या जरूरतों की परवाह किए बिना एक ही स्थान पर एक जैसी ही चीजें सीखते हैं."

फ्री बेसिक्स का लक्ष्य तीसरी दुनिया के मुल्कों में शून्य आधारित या मुफ्त इंटरनेट उपलब्ध करना है. पत्र के मुताबिक, "तुम्हारी पीढ़ी के महानतम अवसरों में से कई अवसर तभी मिलने संभव हैं जब सभी लोग इंटरनेट का प्रयोग कर सकें. इंटरनेट इतना महत्वपूर्ण है कि इसका इस्तेमाल करने वाले हर 10 व्यक्ति में से एक व्यक्ति की गरीबी खत्म होती है और साथ ही एक व्यक्ति के लिए नया रोजगार पैदा होता है."

पत्र में उल्लिखित अन्य प्राथमिकताओं में बचपन को संरक्षण देना और शिक्षा भी शामिल हैं.

ऐसा पहली बार नहीं है जब जुकरबर्ग और प्रिसिला ने धर्मार्थ योजनाओं के लिए दान दिया हो. 2014 में, इस दंपति ने इबोला संकट और एचआईवी व पोलियो जैसी बीमारियों से निपटने के लिए 165 करोड़ रुपये दान देने की घोषणा की थी. हाल ही में जुकरबर्ग ने बेहतर शिक्षा के लिए नेवार्क पब्लिक स्कूल सिस्टम को 660 करोड़ रुपये दान दिए थे. 

दिलचस्प बात यह है कि जुकरबर्ग की परियोजना पर बिल और मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की झलक दिखती है. इस सप्ताह की शुरुआत में पेरिस जलवायु शिखर सम्मेलन के मद्देनजर स्वच्छ ऊर्जा पर शोध की फंडिंग के लिए जुकरबर्ग ने गेट्स के साथ भागीदारी की. 

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मिलिंडा गेट्स ने इस दंपति को फेसबुक पर रिप्लाई भी किया है, "आज जो उदाहरण आप स्थापित कर रहे हैं वो हमारे लिए और दुनिया के लिए एक प्रेरणा है."

First published: 2 December 2015, 22:30 IST
 
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