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2011 World Cup win: अब क्या कर रहे हैं टीम इंडिया को 2011 विश्व कप दिलाने वाले खिलाड़ी ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2021, 20:04 IST
2011 World Cup win: What are the players of that team doing now

2 अप्रैल 2011 का दिन शायद ही कोई भारतीय क्रिकेट टीम का फैन भूल पाए. इस दिन टीम इंडिया ने 28 साल बाद विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था. टीम इंडिया ने इससे पहले साल 1983 में कपिल देव की अगुवाई में विश्व कप अपने नाम किया था. उसके बाद से टीम आईसीसी वनडे विश्व कप नहीं जीत पाई थी. साल 2011 के विश्व कप का फाइनल मुंबई में खेला गया था और टीम इंडिया ने इसमें गौतम गंभीर की 97 रनों की पारी और महेंद्र सिंह धोनी की 91 रनों की पारी के दम पर आसानी से जीत हासिल की थी. आज इस जीत को 10 साल हो रहे हैं, ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आखिर टीम को 28 साल बाद विश्व कप दिलाने वाली टीम आखिर अब कहा हैं.

साल 2011 विश्व कप फाइनल के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन


वीरेंद्र सहवाग (उप-कप्तान), सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, विराट कोहली, एमएस धोनी (कप्तान), युवराज सिंह, सुरेश रैना, हरभजन सिंह, जहीर खान, मुनाफ पटेल, श्रीसंत

वीरेंद्र सहवाग: वीरेंद्र सहवाग ने 2015 में क्रिकेट के सभी तरह के फार्मेट से संंन्यास का ऐलान किया था. सहवाग ने आखिरी आईपीएल 2015 में ही खेला था. टीम इंडिया से संन्यास लेने के बाद  भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने हरियाणा में अपना खुद का स्कूल चलाया. वह हाल ही में रायपुर में रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ का हिस्सा थे, जिसे सचिन तेंदुलकर की अगुवाई में इंडिया लीजेंड्स टीम ने जीता था. साल 2011 के बाद वीरेंद्र सहवाग ने टीम इंडिया के लिए 15 मुकाबले खेले जिसमें उन्होंने 513 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक भी आया था.

सचिन तेंदुलकर: सचिन तेंदुलकर ने नवंबर 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. सचिन तेंदुलकर साल 2012 से 2018 तक राज्यसभा के सासंद भी रहे. तेंदुलकर 5 बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस (एमआई) के मेंटर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज़ खेली, जहाँ उन्होंने इंडिया लीजेंड्स को खिताब दिलाया. 2011 विश्व कप के बाद, तेंदुलकर ने केवल 10 वनडे खेले और 2012  एशिया कप में उन्होंने शतकों का शतक ठोका.

गौतम गंभीर: गंभीर ने दिसंबर 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया और वह तब तक आईपीएल में भी खेल रहे थे. उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स का नेतृत्व किया और टीम को दो बार चैंपियन भी बनाया. 2011 विश्व कप के बाद, गंभीर ने भारत के लिए 33 वनडे खेले और उन्होंने आखिरी बार 2013 में एकदिवसीय मैच खेला था. गौतम गंभीर वर्तमान में पूर्वी दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं. उन्होंने 2019 लोकसभा का चुनाव लड़ा था. गौतम गंभीर कमेंटरी भी कर रहे हैं. उन्होंने जरूरतमंदों की मदद करने के उद्देश्य से गौतम गंभीर फाउंडेशन भी चलाया हुआ है.

विराट कोहली: विराट कोहली पहली बार विश्व कप टीम का हिस्सा बने थे. यह विराट कोहली के करियर का शुरूआती दौर था. धोनी के संन्यास के बाद से, कोहली ने टीम की कमान संभाली है और वो अभी सभी प्रारूपों में भारत के कप्तान हैं. द रन मशीन ’के नाम से मशहूर कोहली आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की कप्तानी भी करते हैं. 2011 विश्व कप के बाद, कोहली ने 200 एकदिवसीय मैच खेले हैं और उन्होंने 2017 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का नेतृत्व किया. कोहली की अगुवाई में ही टीम इंडिया ने साल 2019 विश्व कप खेला था जिसमें टीम को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था. कोहली इस साल के अंत में विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल और टी 20 विश्व कप में भारत का नेतृत्व करेंगे.

एम एस धोनी: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने बीते साल ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया है. हालांकि, धोनी आईपीएल में खेल रहे हैं और चेन्नई सुपर किंग्स का नेतृत्व कर रहे हैं. 9 अप्रैल से शुरू होने वाले आईपीएल के आगामी संस्करण में धोनी वापस एक्शन में दिखेंगे. 2011 विश्व कप के बाद, धोनी ने 164 मैच खेले और 2015 के विश्व कप में भी भारत का नेतृत्व किया.

युवराज सिंह: युवराज सिंह भारत के लिए सबसे बड़े मैच विजेता थे. विश्व कप के दौरान वो कैंसर से जूझ रहे थे और इसके बाद भी उन्होंने टीम इंडिया को जीत दिलाई. विश्व कप के बाद युवराज सिंह ने अपना ईलाज करवाया और ठीक होकर वो मैदान पर वापस आए. 2011 विश्व कप के बाद, युवराज ने 30 वनडे खेले और 2012 टी 20 विश्व कप, 2014 टी 20 विश्व कप और 2017 चैंपियंस ट्रॉफी का हिस्सा रहे.

सुरेश रैना: सुरेश रैना आईपीएल के 14वें संस्करण में खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. बीते साल आईपीएल से उन्होंने निजी कारणों ने अपना नाम वापस ले लिया था. सुरेश रैना इस साल की शुरुआत में सैयद मुश्ताक अली टी 20 टूर्नामेंट खेलते हुए नजर आए थे. बीते साल जैसे ही धोनी ने घोषणा की थी, उसके कुछ ही देर बार रैना ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था. 2011 के विश्व कप के बाद, रैना ने 111 वनडे मैच खेले और 2018 तक भारत की सीमित ओवर टीम का हिस्सा थे. रैना 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम का भी हिस्सा थे.

हरभजन सिंह: हरभजन सिंह ने साल 2016 में टीम इंडिया के लिए आखिरी बार कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था. हालांकि, उन्होंने अभी तक संन्यास का ऐलान नहीं किया है. वह वर्तमान में आईपीएल 2021 के लिए केकेआर की टीम का हिस्सा हैं. हरभजन कमेंट्री भी करते हुए नजर आते हैं और हाल ही में उन्होंने एक फिल्म भी की है. 2011 विश्व कप के बाद, हरभजन ने केवल 10 एकदिवसीय मैच खेले. हरभजन सिंह साल 2016 तक टी 20 टीम और 2015 तक टेस्ट और वनडे टीम का हिस्सा रहे.

जहीर खान: जहीर खान वर्तमान में मुंबई इंडियंस (MI) के मेंटर हैं. जहीर खान 2018 में एमआई के क्रिकेट निदेशक के रूप में शामिल हुए थे और तब से उसी फ्रेंचाइजी के साथ बने हुए हैं. इसके अलावा, जहीर खान हिंदी और अंग्रेजी में सक्रिय रूप से कमेंटरी भी कर रहे हैं. जहीर ने 2015 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी लेकिन आईपीएल में खेलना जारी रखा था. उन्होंने T20 टूर्नामेंट को अलविदा कहने से पहले 2017 में दिल्ली कैपिटल्स की समान भी संभाली थी. 2011 विश्व कप के बाद, ज़हीर ने केवल 9 एकदिवसीय मैच खेले थे और उन्होंने 2012 में अपना आखिरी वनडे खेला था.

मुनाफ पटेल: मुनाफ पटेल ने 2018 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. मुनाफ पटेल 2020 में लंका प्रीमियर लीग के उद्घाटन संस्करण में कैंडी टस्कर्स के लिए खेले थे. मुनाफ पटेल रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज में इंडिया लीजेंड्स टीम का भी हिस्सा थे. उन्होंने आखिरी बार 2017 में आईपीएल और 2016 में घरेलू क्रिकेट खेला था. 2011 के विश्व कप के बाद, मुनाफ ने केवल 8 वनडे मैच खेले. चोटों के कारण उन्होंने 2011 के बाद भारत के लिए कोई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला.

एस श्रीसंत: श्रीसंत ने इस साल की शुरुआत में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की और घरेलू व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट में केरल का प्रतिनिधित्व किया. 2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग घोटाले में उनकी कथित भागीदारी ने उन्हें 7 साल के लिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर कर दिया था. बीसीसीआई ने श्रीसंत पर अगस्त 2013 में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बीसीसीआई ने आजीवन प्रतिबंध को घटाकर सात साल कर दिया. 2011 के विश्व कप के बाद, श्रीसंत ने एक भी वनडे मैच नहीं खेला था, लेकिन अब प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करने के बाद, उन्हें भारत में वापसी करने की उम्मीद है.

First published: 2 April 2021, 20:04 IST
 
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