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रूस के ओलंपिक अभियान पर ग्रहण, 23 खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल

साहिल भल्ला | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(कैच हिंदी)
QUICK PILL
  • रियो डी जेनेरो में होने वाले समर ओलंपिक में करीब दो दर्जन खिलाड़ियों को भाग लेने से रोका जा सकता है. जिन खिलाड़ियों का टेस्ट सही आया है, वह 6 देशों के हैं. 
  • अभी तक डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव खिलाड़ियों के नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन बी टेस्ट यानी दूसरे चरण के टेस्ट के बाद उनके नाम को सार्वजनिक किया जा सकता है.

रियो डी जेनेरो में होने वाले समर ओलंपिक में करीब दो दर्जन खिलाड़ियों को भाग लेने से रोका जा सकता है. 27 मई को इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) की तरफ से आई खबर के मुताबिक 23 खिलाड़ियों को ओलंपिक में भाग लेने से रोका जा सकता है. 

2012  के समर ओलंपिक में पांच अलग-अलग खेलों में भाग ले चुके इन 23 खिलाड़ियों पर डोपिंग का संदेह है. दूसरी बार डोपिंग को लेकर हुआ टेस्ट पॉजिटिव आया है, जिसके बाद इन खिलाड़ियों के खेलने की संभावना खत्म हो गई है. ओलंपिक के प्रशंसकों के लिए यह बुरी खबर है.

आईओसी खिलाड़ियों के ब्लड सैंपल को दशक तक सुरक्षित रखती है ताकि डोपिंग से संबंधित टेस्ट को पूरा किया जा सके. जिन खिलाड़ियों का टेस्ट सही आया है, वह 6 देशों के हैं. हालांकि अभी उनके नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन बी टेस्ट यानी दूसरे चरण के टेस्ट के बाद उनके नाम को सार्वजनिक किया जा सकता है.

आईओसी ने लंदन गेम्स के दौरान लिए गए 265 सैंपल की दुबारा टेस्टिंग कराई थी. इसके साथ ही आईओसी ने बीजिंग गेम्स के दौरान लिए गए 454 डोपिंग सैंपल का भी टेस्ट कराया था. परीक्षण के बाद कई तरह के उल्लंघन सामने आए हैं. 

लंदन गेम्स में 23 खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आया था. साथ ही 2008 में 12 देशों के 31 खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट सकारात्मक मिला था. आईओसी के प्रेसिडेंट थॉमक बैक ने कहा, 'दुबारा परीक्षण के बाद यह बात साबित हो चुकी है कि हम डोपिंग के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'

लंदन और बीजिंग में डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या 32 और 57 रही है

बैक ने कहा, 'हम रियो डी जेनेरो ओलंपिक से डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों को बाहर रखना चाहते हैं. यही वजह है कि हम सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं.'

लंदन और सिडनी ओलंपिक खेलों के दौरान डोपिंग करने वाले  खिलाड़ियों की संख्या 32 और 57 हैं. डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी चौंकाने वाली है. इससे पहले सबसे ज्यादा 26 खिलाड़ी एथेंस ओलंपिक में डोपिंग में शामिल पाए गए थे.

रूस पर गिरी गाज

रूसी ओलंपिक समिति ने मीडिया को बताया कि डोपिंग में शामिल खिलाड़ियों में से आधे उन्हीं के देश के हैं. रूस के कुल 14 खिलाड़ी डोपिंग में शामिल पाए गए हैं. इनमें से 11 ट्रैक एंड फील्ड के हैं जबकि दो वेट लिफ्टर्स हैं वहीं एक लोन रोवर है.

रुसी अधिकारियों पर पहले से ही दबाव है. 13 नवंबर को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशंस ने रूस के पूरे ट्रैक एंड फील्ड डिपार्टमेंट को निलंबित कर दिया था. अब इस नए खुलासे से रूस पर दबाव और अधिक बढ़ गया है.

अधिकारी ने कहा, 'हमने 2016 में रूसी फेडरेशन को ही निलंबित किए जाने की सिफारिश की थी. वास्तव में हमें उम्मीद थी कि वह इसे रोकने के लिए उपाय करेंगे. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो रियो ओेलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड में रूस की टीम भाग नहीं ले पाएगी. मुझे लगता है कि वह इस बार स्थिति को समझेंगे.'

नवंबर में डब्ल्यूएडीए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रूस के ट्रैक एंड फील्ड में डोपिंग का जाल फैला हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया था कि डोपिंग को शायद रूसी सरकार का समर्थन हासिल है. 

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक रूस के पूर्व एंटी डोपिंग डायरेक्टर ग्रिगरी रोमेनेव ने कई सालों तक खिलाड़ियों को ड्रग्स सप्लाई किया. सबसे अधिक चौंकाने वाली बात सामने तब आई जब उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में बताया कि उन्होंने 2914 के सोची में विंटर ओलंपिक के दौरान यूरिन सैंपल को बदल दिया.

रूस की ओलंपिक विरासत दांव पर

सोवियत यूनियन के जमाने से रूस का ओलंपिक में दबदबा रहा है. 1994 में पहली बार रूस ने विंटर ओलंपिक खेलों में 488 मेडल जीते, जिसमें 168 स्वर्ण पदक थे. अमेरिका से प्रतिस्पर्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका को इस ओलंपिक में महज 237 पदक मिले.

सोची में हुए ओलंपिक के 10 महीनों बाद जर्मनी की एक टीवी डॉक्यूमेंट्री ने यह कहकर धमाका कर दिया कि 99 फीसदी रूसी खिलाड़ी डोपिंग में शामिल थे और अधिकारियों ने खिलाड़ियों से रिश्वत लेकर उन्हें खेल में शामिल होने का न्यौता दिया था.

दस्तावेज बताते हैं कि आईएएएफ को रूस के डोपिंग गतिविधियों के बारे में 2009 से ही पता था, जब रूस के 42 फीसदी खिलाड़ी का टेस्ट पॉजिटिव आया था.

केन्या पर भी लगेगा प्रतिबंध?

डब्ल्यूएडीए को दूसरे तरह के गतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. वाडा कीनिया पर लगातार डोपिंग नियमों को बदलने का दबाव बना रहा है. अब उसके सामने बड़ा सवाल यह है कि रियो ओलंपिक से पहले वह कीनिया को शमिल होने दे या उसे रोक दे.

2011 के बाद से 40 से अधिक खिलाड़ी टेस्ट में विफल रहे हैं. इनमें से 18 के खिलाफ प्रतिबंध लगा हुआ है. अधिकारी ने कहा, 'कीनिया का असहयोग करने का यह मतलब है कि वह एंटी डंपिंग कोड का पालन नहीं कर रहा है.' 

First published: 1 June 2016, 7:12 IST
 
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