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ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने लिया संन्‍यास

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2016, 16:56 IST
(एजेंसी)

बीजिंग ओलंपिक 2008 में भारत को व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक दिलाने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने रविवार को आधिकारिक तौर पर निशानेबाजी से संन्यास लेने की घोषणा कर दी.

इसके साथ ही उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं का भी खुलासा किया और अब उनका लक्ष्य ‘खेल विज्ञान’ से संबंधित कारोबार करना है जिसमें फिटनेस और चिकित्सा भी शामिल हैं.

भारत के एकमात्र व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता बिंद्रा ने संन्यास की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा, "अब आगे बढ़ने और युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय है."

एक दशक से भी अधिक समय तक निशानेबाजी रेंज पर अपना दबदबा बनाए रखने के बाद जल्द ही 34 वर्ष के होने वाले बिंद्रा की निगाहें अब नए व्यावसायिक उद्यम पर लगी हैं.

उन्होंने कहा, "मैं जीविका के लिए कमाने की कोशिश कर रहा हूं. मैं व्यवासाय से जुड़ा हूं. कमाने की कोशिश कर रहा हूं ताकि भूखा न रहूं. आप जानते हैं कि मैं खेलों में दिलचस्पी रखता हूं लेकिन इससे मुझे ज्यादा पैसा नहीं मिलने वाला है. मैं कुछ चीजों से जुड़ा हूं जो फिटनेस, चिकित्सा क्षेत्र में कुछ करने से संबंधित हैं. मैं खेलों में उच्च प्रदर्शन करने के क्षेत्र में भी कुछ करने की कोशिश कर रहा हूं."

बीजिंग ओलंपिक में दस मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतने वाले बिंद्रा ने कहा, "खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा की भूमिका वर्तमान समय के खेलों में काफी महत्वपूर्ण है. मुझे नहीं लगता है कि हमारे देश में यह पूरा सिद्वांत अभी वास्तव में मजबूत है."

अपने चमकदार करियर के करियर में बिंद्रा से भारतीय खेलों के बारे में अपने विजन के बारे में पूछा गया. उन्होंने कहा, "मैं चाहूंगा कि भारतीय खेल आगे बढ़ें और मेरा मानना है कि यह तभी संभव है जब हम निचले स्तर पर पर कार्यक्रम बनाए और लोगों के लिये ऐसी व्यवस्था हो कि वे आकर खेलों से जुड़ें. इसके लिए निवेश, विशेषज्ञता ओर धैर्य की जरूरत है. इसके लिये दृढ इच्छाशक्ति की भी जरूरत है." बिंद्रा ने कहा, "क्योंकि जब अप निचले स्तर पर निवेश करते हो तो उसका आपको तुरंत ही लाभ नहीं मिलेगा. आपको हो सकता है कि उसका फायदा मिलने में दस से 20 साल लग जाएं इसलिए आपको लगे रहना होगा. मुझे लगता है कि हम ऐसे में ही एक ऐसे देश के रूप में विकसित हो सकते हैं जो ओलंपिक पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचा सकता है."

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने यहां भव्य समारोह में बिंद्रा को विदाई दी. इस अवसर पर एनआरएआई के पदाधिकारियों के अलावा कई शीर्ष निशानेबाज जैसे मानवजीत सिंह संधू, अपूर्वी चंदेला, संजीव राजपूत, रोंजन सोढ़ी, मैराज अहमद खान, मोराद अली खान और मनशेर सिंह भी उपस्थित थे. इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के आजीवन मानद सदस्य रणधीर सिंह और अभिनव के माता पिता और बहन भी उपस्थिति थी.

First published: 5 September 2016, 16:56 IST
 
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