Home » खेल » after out of rio wrestler narsingh faint down
 

रियो से बाहर होने पर बेहोश हो गए थे पहलवान नरसिंह यादव

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2016, 16:49 IST
(कैच)

रियो ओलंपिक में 74 किलोग्राम श्रेणी की कुश्ती प्रतियोगिता में भारत की ओर से हिस्सा लेने गए पहलवान नरसिंह यादव खेल पंचाट (कैस) के द्वारा ओलंपिक में भाग लेने से मना किये जाने और चार साल का प्रतिबंध लगने के बाद बेहोश हो गए थे.

इस मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि नरसिंह तब बेहोश हो गए थे, जब उन्हें स्वदेश में हुए कथित डोपिंग के मामले में यहां प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया.

बृजभूषण सिंह ने कहा, "नरसिंह कल यानी शुुक्रवार को फैसला आने के बाद बेहोश हो गए थे. कल के मुकाबले वो आज ठीक हैं."

उन्होंने कहा, "हम किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहते हैं. हम केवल सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं. पूरी जांच के बाद सब कुछ साफ हो जाएगा."

सीबीआई जांच की मांग

वहीं पहलवान नरसिंह ने भी कहा है कि वो इस जंग को प्रधानमंत्री कार्यालय तक ले जाएगा. उन्होंने कहा, "मेरी तो बदनामी हुई. इससे पूरे देश पर भी काला धब्बा लग गया है. चाहे मुझे फांसी हो जाए, मैं इसकी छान-बीन करवाऊंगा. दिन रात एक कर दूंगा."

नरसिंह ने दावा किया था कि सोनीपत में खेलों से पहले अभ्यास के दौरान उनके पेय पदार्थों या खाने में प्रतिबंधित दवा मिलाई गई. राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने भी इस पर सहमति जतायी और उन्हें डोप के आरोपों से मुक्त करके खेलों में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी.

नरसिंह ने फिर से दोहराया कि यदि गड़बड़ी किए जाने के साक्ष्य मजबूत होते तो वह आसानी से ओलंपिक में भाग ले सकते थे.

'साजिश में बड़ी लॉबी शामिल'

उन्होंने कहा, "इसमें एक बड़ी लॉबी शामिल है और उनके नामों का खुलासा होना चाहिए. यह देश के खेलों के भविष्य से जुड़ा है. मेरी कोई गलती नहीं थी लेकिन मैं इसका शिकार बन गया. ओलंपिक पदक जीतने की मेरी पिछले चार साल की कड़ी मेहनत बेकार चली गई."

पहलवान नरसिंह ने कहा कि इस तरह की राजनीति के कारण ही ओलंपिक में भारत की पदक की संभावनाएं समाप्त हो जाती है.

'न्याय मिलना चाहिए'

डोप आरोपों से बाहर हुए नरसिंह ने कहा, "यदि मुझे न्याय नहीं मिलता है तो फिर खेलों को नुकसान होगा. इससे भारत की युवा पीढ़ी खेलों को अपनाने के प्रति हतोत्साहित होगी."

बताया जा रहा है कि नरसिंह शनिवार की सुबह ओलंपिक गांव से बाहर चले गए, क्योंकि प्रतिबंध के कारण उनका मान्यता पत्र और प्रवेश रद्द कर दिया गया है.

इस समय वो एक होटल में ठहरे हुए हैं, जहां से वह नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे. नरसिंह ने किसी का नाम लिए बिना कहा, "इस पूरे मामले से से जुड़ी घटनाओं से साफ हो जाता है कि कौन इसमें शामिल हैं."

First published: 20 August 2016, 16:49 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी