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अब बदलेगा बल्लेबाज़ों का बल्ला, क्रिकेट में नहीं होगी छक्कों की बारिश!

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 May 2017, 14:21 IST

क्रिकेट में एक समय था जब 'V' में बल्लेबाजी करना बेहतर माना जाता था. टेस्ट क्रिकेट का बोलबाला था. अगर कोई बल्लेबाज बिना चौका-छक्का लगाए पूरा दिन बल्लेबाजी करता है, तो उसे बेहतरीन खिलाड़ी माना जाता था. मगर आज के दौर में 20-20 क्रिकेट का बोलबाला है. बल्लेबाज चौकों-छक्कों की बरसात कर रहे हैं. महज 20 ओवर के गेम में 200 से ऊपर रन बनने लगे हैं. आलम ये हो गया है कि अगर खेल की शुरुआत के 5 मिनट के अंदर अगर धुआंधार बल्लेबाजी देखने को नहीं मिलती, तो दर्शक बोर हो जाते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस प्रकार की बल्लेबाजी का श्रेय बल्लों की बनावट में आए बदलाव को भी जाता है. पिछले कुछ सालों में बल्लों को बनाने के तरीकों में कई तरह के बदलाव किए गए हैं, जिससे गेंदबाजों पर बल्लेबाज हावी नजर आने लगे हैं. T-20 क्रिकेट गेंदबाजों की कब्रगाह बन गया है. इसकी वजह से क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए कठिनाइयों का दौर आ गया है. क्रिकेट के कई दिग्गज गेंदबाजों के साथ हो रही इस नाइंसाफी की आलोचना कर चुके हैं.

बदल सकता है बल्ले का डिजाइन

क्रिकेट के खेल में बल्लेबाजों और गेंदबाजों में संतुलन बनाये रखने के लिए बल्लों की बनावट को बदलकर खेल में संतुलन लाने का काम शुरू किया है. ब्रिटेन के रहने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन चिनमय गुप्ते लंदन के इम्पीरियल कॉलेज की टीम के साथ इस शोध पर काम कर रहे हैं.

नये नियम के तहत बल्ले के किनारे की मोटाई 40 मिलीमीटर से कम होगी और उसकी कुल गहराई 67 मिमी से ज्यादा नहीं हो सकती. गुप्ते का मानना है कि इससे गेंदबाजों को भी खेल में बराबरी का मौका मिलेगा. गुप्ते ने कहा, "पिछले 30 साल में क्रिकेट में छक्कों की संख्या बढ़ गई है. बल्लों के डिज़ाइन ही इस तरह के हैं कि गेंद की बजाय बल्ले का दबदबा है. यह नया डिज़ाइन संतुलन लाएगा."

First published: 19 May 2017, 14:17 IST
 
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