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इंडिया की 'सुल्तान' साक्षी का शानदार स्वागत, 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की बनीं ब्रांड एंबेसडर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST
(एएनआई)

रियो ओलंपिक में भारत को पहला पदक (ब्रॉन्ज मेडल) दिलाने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक का देश लौटने पर शानदार स्वागत किया गया. बुधवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जब वो उतरीं, तो प्रशंसकों के साथ ही हरियाणा सरकार के पांच मंत्री भी मौजूद थे.

साक्षी हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा खास गांव की रहने वाली हैं. गांव में भी उनके जबरदस्त स्वागत की तैयारी की गई है. इससे पहले हरियाणा के बहादुरगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साक्षी को पदक जीतने पर बधाई दी. उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित हुआ. 

ढाई करोड़ रुपये का सौंपा चेक

हरियाणा सरकार ने पदक जीतने के बाद साक्षी मलिक को इनाम का एलान किया था. बहादुरगढ़ में कार्यक्रम के दौरान सीएम खट्टर ने साक्षी मलिक को ढाई करोड़ रुपये का चेक सौंपा.

वहीं बुधवार को देश लौटने से पहले पहलवान साक्षी मलिक ने एक ट्वीट किया, "आ रही हूं मैं, अपने देश अपने घर!"

बहादुरगढ़ में स्वागत समारोह के दौरान साक्षी मलिक ने कहा, "समर्थन देने के लिए हर किसी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं. उम्मीद करती हूं कि भविष्य में भी ऐसा ही समर्थन जारी रहेगा."

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने साक्षी को हरियाणा में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' मुहिम का ब्रांड एंबेसडर बनाने का भी एलान किया. हरियाणा के खेल और युवा मामलों के मंत्री अनिल विज भी रियो में हेड ऑफ स्टेट डेलिगेशन के तौर पर मौजूद थे.

माता-पिता का सम्मान

दिल्ली विधानसभा ने साक्षी मलिक के माता-पिता को मंगलवार को सम्मानित किया. विधानसभा में विपक्षी नेता विजेंद्र गुप्ता समेत कई विधायकों ने साक्षी के माता-पिता को ओलंपिक में उनकी बेटी के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई दी.

चांदनी चौक की विधायक अलका लांबा ने एक धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया और प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करने के लिए साक्षी के माता-पिता और कोच को बधाई दी.

साक्षी मलिक हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा खास गांव से हैं. (ट्विटर)

'महिलाओं के लिए प्रेरणा'

अलका लांबा ने कहा कि एक ऐसे देश में जहां लड़कियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है, साक्षी की उपलब्धि अन्य महिलाओं को प्रेरणा देगी. दिल्ली के श्रम मंत्री गोपाल राय ने भी साक्षी के माता-पिता और कोच को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभाशाली लोगों की पहचान करने की जरूरत है.

रियो ओलंपिक में भारत को केवल दो मेडल ही मिले हैं. यह दोनों ही पदक महिलाओं ने दिलाए हैं. इनमें से बैडमिंटन में पीवी सिंधू को सिल्वर जबकि साक्षी को कुश्ती में कांस्य पदक मिला. वहीं 2012 के लंदन ओलंपिक में भारत ने दो सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल जीते थे.

रियो में सिल्वर जीतने वाली पीवी सिंधू और पी गोपीचंद के साथ पहलवान साक्षी मलिक (ट्विटर)
First published: 24 August 2016, 10:52 IST
 
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