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मि. गावस्कर क्रिकेट कमेंट्री को इन अझेल जुमलों से बचाइए

कल्याणी पराशर | Updated on: 26 March 2016, 12:23 IST

भारत और बांग्लादेश के बीच बेंगलुरु में हुए टी-20 विश्व कप मैच के आखिरी ओवर में जब मुशफिक़ुर रहीम ने स्कूप शॉट खेला तो सुनील गावस्कर चिल्ला पड़े, "मैंने कहा था, मैंने कहा था."

ये मैच का अहम क्षण था. यह मैच हारने पर भारत इस विश्व कप से बाहर हो जाता लेकिन गावस्कर इसे इस तरह से ले रहे थे मानो यह उनका निजी मामला हो.

अपनी कमेंट्री के दौरान गावस्कर लगातार मुशफिकुर को 'चीकी' खिलाड़ी बता रहे थे. वो मुशफिकुर को बार बार 'चीकी चीकी' कह रहे थे. शायद उन्हें लगता है कि गालियां भारत में अपराध नहीं रही.

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टी-20 क्रिकेट में नासिर हुसैन, शॉन पोलॉक, डीन जोंस और एलन विल्किंस बेहतरीन कमेंटेटर हैं. वसीम वकरम की गेंदबाजी के टिप्स को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी बुरा कमेंटेटर नहीं माना जा सकता. लेकिन गावस्कर और रमीज राजा जैसों की कमेंट्री से कई बार क्रिकेट देखने के पूरा मजा ही किरकिरा हो जाता है.

क्रिकेट कमेंटेटरों की बचकानी जुमलेबाजी से कई बार मैच का सारा मजा ही किरकिरा हो जाता है

सोशल मीडिया में इसको लेकर गाहे-बगाहे आवाज भी उठती है लेकिन इससे उनपर शायद कोई फर्क नहीं पड़ता. फिर भी एक बार फिर से हम इन कमेंटेटरों से अनुरोध करेंगे कि वे अपनी कुछ विशेष टिप्पणियां अपने पास तक ही महदूद रखें, यह क्रिकेट प्रेमियों पर बड़ा अहसान होगा:

रन


  • ये एक बड़ा स्कोर है (दर्शकों को यह बात समझ में आती है)

  • उन्हें पावर प्ले का पूरा फायदा उठाना होगा (इसमें कौन सी नई बात है?)

  • फील्डिंग साइड नहीं चाहती कि बैटिंग साइड रन बनाए (आपको यकीन हो न हो लेकिन यह कमेंट भारत-पाक मैच के दौरान हर्षा भोगले ने किया था)

  • बल्लेबाज को खाली जगह खोजकर शॉट खेलना होगा (सचमुत ये सलाह कोई जीनियस ही दे सकता है, है ना?)

विकेट


  • उन्हें विकेट लेना ही होगा (भारत-पाक मैच में हर्ष भोगले ने ठीक यही बहुमूल्य राय दी थी)

  • उन्हें जल्द विकेट चटकाना होगा (क्रिकेट की अनमोल सलाह!)

  • ज्यादा विकेट खोना उन्हें भारी पड़ेगा (अब इससे हल्की बात भला क्या होगी!)

  • उन्होंने बहुत ज्यादा विकेट खो दिए हैं (बेहद मुश्किल सवाल को कितनी आसान से समझा दिया)

लक्ष्य का पीछा


  • उन्हें मैदान में उतरकर ताबड़तोड़ रन बनाने होंगे (अच्छा किया आपने बता दिया)

  • उन्हें धीरे धीरे लक्ष्य की तरफ बढ़ना होगा (काश आप भी थोड़ा धीरे धीरे बोल लेते)

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  • उन्हें रनों की रफ्तार बढ़ानी होगी (ऊपर की धीरे वाली बात भूलिएगा नहीं)

  • उन्हें खुद पर नियंत्रण रखना होगा (लेकिन ऐसी कमेंट्री सुनकर हम कैसे खुद पर काबू रखें)

  • जब तक चौके-छक्के नहीं आते उन्हें एक-एक रन लेते रहने होंगे (अच्छा, सच, डेढ या ढाई नहीं ले सकते अंकल!)

  • क्षेत्ररक्षण कर रही टीम को अच्छी फील्डिंग करनी होगी( कसम से ये तो हाइट ही हो गयी)

खिलाड़ी


  • वो अच्छा(बुरा) खेल रहे हैं (जनता देख रही है. इसमें बताना क्य है)

  • धोनी मिस्टर कूल हैं, गेल जबरदस्त शॉट लगाते हैं, इरफान काफी लंबे हैं (अब बस भी करो, यह बात अनगिनत बार सभी सुन चुके हैं)

  • आप उनके सामने शॉर्ट पिच गेंद नहीं डाल सकते (दुनिया के उस बल्लेबाज का नाम तो बता दो जिसके सामने शॉर्ट पिच गेंदें डाली जा सकती हैं)

  • वो काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं (और आप अनुभवी कमेंटेटर है ना, तो अब बख्श भी दीजिए)

कांटे का मुकाबला


  • मुकाबला काफी कांटे का हो गया है (नो कमेंट)

  • अगर उन्होंने विकेट खोया तो ये उनके हित में नहीं होगा(ये तो हमें पता ही नहीं था)

  • उन्हें रन बनाते रहने की जरूरत है (इतने बड़े राज़ का पर्दाफाश कर दिया)

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  • ऐसे हालात में विकेट नहीं खो सकते (लाख टके की बात)

  • कैच छोड़ना भारी पड़ सकता है (और ये सुनना उससे भी ज्यादा भारी पड़ता है)

  • किसी तरह की बेवकूफी उन्हें भारी पड़ेगी (यह सलाह हमारे अपने गावस्कर साहब की है)

पिच


  • हर घंटे पर ये बताना का क्या मक़सद है कि टर्निंग पिच है. (पिच घूमता बंद तो कर नहीं देगी)

  • क्षेत्ररक्षण कर रही टीम को भूलना नहीं चाहिए उन्हें भी इसी पिच पर बैटिंग करनी है. (ये तो गजब ही इत्तेफाक है)

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प्यारे कमेंटेटरों इतने से भी न समझ आया हो तो इन तीन बातों का ध्यान रखें:

1. एक ही बात और बेहद स्वाभाविक बात को सैकड़ों बार दोहराना बंद करें

2. जो बात बच्चे भी जानते हैं उन्हें विशेषज्ञ के रूप में बताना बंद करें

3. और याद रखें, आप विशेषज्ञ हैं, किसी टीम के वकील नहीं. टीम के पक्षकार बनना बंद करें.

First published: 26 March 2016, 12:23 IST
 
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