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फुटबॉल: यूरो-2016 की उल्टी गिनती शुरू

वैन्सन सोरल | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST

फुटबॉल के दूसरे सबसे बड़े टूर्नामेंट यूरो कप को शुरू होने में सिर्फ 2 दिन का समय बचा है. ऐसे में इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों के साथ-साथ फुटबॉल प्रेमियों ने भी अपनी कमर कस ली है.

फीफा वर्ल्ड कप के बाद फुटबॉल के दूसरे सबसे बड़े टूर्नामेंट यूरो कप की मेजबानी फ्रांस कर रहा है. 10 जून से शुरू होने वाले टूर्नामेंट के दौरान एक महीने के लिए पूरी दुनिया फुटबॉल की खुमारी में डूब जाएगी.

यूरोपियन यूनियन फुटबॉल एसोसिएशन (यूईएफए) की ओर से आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में यूरोप की शीर्ष 24 टीमों के बीच खिताब के लिए मुकाबला होगा. छह ग्रुप में इन टीमों को बांटा गया है.

10 जुलाई को फाइनल

यूरोपियन फुटबॉल की सबसे बड़ी चैंपियनशिप यूरो कप में कुल 24 टीमें 10 मैदान पर 51 मैच खेलेंगी. यूरो कप के इतिहास में पहली बार 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं. इसके बावजूद नीदरलैंड और ग्रीस की फुटबॉल टीमें चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाईं.

यूरो 2016 का ओपनिंग मैच मेजबान फ्रांस और रोमानिया के बीच खेला जाएगा. सेकंड राउंड के लिए 16 टीम यानी हर ग्रुप की विनर और रनर-अप के अलावा चार बेस्ट थर्ड प्लेस की टीम भी क्वालिफाई करेगी.

यहां से नॉक आउट मुकाबला शुरू होगा. इसके बाद सेमीफाइनल छह और सात जुलाई को खेला जाएगा. जबकि फाइनल मुकाबला 10 जुलाई को सेंट डेनिस में खेला जाएगा.

स्पेन पर खिताब बचाने का दबाव

इस बार जहां लगातार दो बार का यूरोपियन चैंपियन स्पेन अपने खिताब को बचाए रखने का प्रयास करेगा. वहीं जर्मनी, पुर्तगाल, इटली, क्रोएशिया, फ्रांस और इंग्लैंड जैसी टीमें भी चैंपियन बनना चाहेंगी. 

अब तक नौ अलग-अलग टीम इस टूर्नामेंट को जीत चुकी हैं.  2010 के विश्व कप विजेता स्पेन और जर्मनी ने सर्वाधिक तीन-तीन बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया है, जबकि फ्रांस ने दो बार इस कप को उठाया है.

स्पेन यूरो कप के इतिहास में एकमात्र ऐसा देश है, जिसने इस कप को लगातार दो बार 2008 और 2012 में जीता है. ऐसे में वह खिताब बचाने के लिए जी-जान लगा देगा.

वहीं जर्मनी ने 1996 के बाद इस ट्रॉफी को नहीं चूमा है. यह सूखा विश्व चैंपियन को और ख़तरनाक बना देता है, जबकि फ्रांस अपनी मेजबानी में खेल रहा है और वह किसी क़ीमत पर यह अवसर हाथ से जाने देना नहीं चाहेगा.

अन्य टीमें भी कड़ी चुनौती पेश करेंगी. ऐसे में कौन विजेता बनेगा? इसका दावा करना कठिन लग रहा है. लेकिन इसमें जरा भी संदेह नहीं है कि दुनिया एक महीने तक फुटबाल के आगोश में क़ैद होकर रह जाएगी.

आयोजन स्थल

  1. बोर्डो
  2. लेंस
  3. लिली
  4. ल्यों
  5. मार्सिले
  6. नाइस
  7. पेरिस
  8. सेंट डेनिस
  9. सेंट इटियेन
  10. टूलूज

24 टीमों का 6 ग्रुप

ग्रुप- ए: फ्रांस, रोमानिया, अल्बानिया और स्विट्जरलैंड

ग्रुप- बी: इंग्लैंड, रूस, वेल्स और स्लोवाकिया

ग्रुप- सी: जर्मनी, यूक्रेन, पोलैंड और उत्तरी आयरलैंड

ग्रुप- डी: स्पेन, चेक गणराज्य, टर्की और क्रोएशिया

ग्रुप- ई: बेल्जियम, इटली, आयरलैंड गणराज्य और स्वीडन 

ग्रुप- एफ: पुर्तगाल, आइसलैंड, ऑस्ट्रिया और हंगरी

प्रसारण

भारत में टूर्नामेंट का प्रसारण सोनी सिक्स और सोनी ईएसपीएन चैनल पर भारतीय समयानुसार शाम 6.30 बजे, रात्रि 9.30 बजे और 12.30 बजे होगा. सोनी सिक्स इस टूर्नामेंट का प्रसारण अंग्रेजी भाषा में करेगी, जबकि सोनी ईएसपीएन दर्शकों को हिंदी, बांग्ला, मलयालम, तमिल और तेलुगू भाषा का विकल्प देगी.

यूरो कप का इतिहास

यूरो कप का सपना पहली बार यूईएफए के पहले सचिव हेनरी डेलावने ने उस समय देखा था, जब पूरी दुनिया मुश्किल दौर से गुजर रही थी. विश्व युद्ध के बाद सभी देश अपनी अर्थव्यवस्था को खड़ा करने में लगे हुए थे.

ऐसे दौर में एक फ्रांसिसी नागरिक हेनरी डेलावने और फिर उनके बेटे ने फुटबॉल को जरिया बनाकर यूरोप को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल की.

शुरू में राह कठिन थी. इंग्लैंड, पश्चिम जर्मनी और इटली जैसी टीमों के अनिच्छा दिखाने पर लगने लगा जैसे 16 टीमों का जुटना भी मुश्किल हो जाएगा. लेकिन आख़िरी लम्हों में कुछ टीमें आगे आईं और प्रतियोगिता संभव हो सकी. 

पहली यूरोपियन चैंपियनशिप सिर्फ चार टीमों के बीच आयोजित हुई और सोवियत यूनियन ने पहला खिताब अपने नाम किया. 

First published: 8 June 2016, 3:11 IST
 
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