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गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच खेलने के पक्ष नहीं हैं गौतम गंभीर

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST
(पीटीआई)

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने बुधवार को खुद को परंपरावादी करार दिया जो लंबे फॉमेट का मुकाबला लाल गेंद से और दिन में खेलना पसंद करता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के प्रयोग सिर्फ टी-20 क्रिकेट में ही किए जाने चाहिए.

गंभीर ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल के बाद कहा, "मैं परंपरावादी हूं जो पुराने तरीके से क्रिकेट खेलना पसंद करता है. यह मेरी निजी राय है लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के बदलाव और प्रयोग सिर्फ टी-20 क्रिकेट में ही किए जाने चाहिए. पांच दिवसीय मैच और टेस्ट मुकाबले लाल गेंद से ही खेले जाने चाहिए. कम से कम मैं ऐसा ही महसूस करता हूं."

गंभीर ने टूर्नामेंट में पांच पारियों में 71.20 के औसत से 356 रन बनाए हैं और अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन उन्हें फिर भी लगता है कि गुलाबी गेंद से फ्लड लाइट (दूधिया रोशनी) में कुछ समस्या है.

उन्होंने कहा, "चेतेश्वर पुजारा ने जो कुछ कहा, मैं उससे पूरी तरह से सहमत हूं. दूधिया रोशनी में यह अलग तरह का खेल हो जाता है और कलाई के स्पिनरों और गुगली डालने वाले गेंदबाजों का सामना करने में हमेशा मुश्किल होती है."

First published: 15 September 2016, 5:16 IST
 
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