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हैप्पी बर्थडेः 5 कारण क्यों सबके पसंदीदा हैं विराट कोहली

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 November 2016, 14:14 IST

उस वक्त विराट की उम्र 18 साल थी और वो कर्नाटक के खिलाफ दिल्ली की टीम से रणजी मैच खेल रहे थे. इस दौरान उन्हें पता चला कि उनके पिता नहीं रहे और उनका क्रियाकर्म होना है. लेकिन कोहली ने खेल के प्रति अपनी उच्च श्रेणी की कर्मठता दिखाते हुए पहले मैच खेलने को प्राथमिकता दी.

कोहली ने एक बार कहा था, "मैंने सुबह अपने कोच (दिल्ली टीम) को फोन किया. मैंने कहा कि मैं खेलना चाहता हूं क्योंकि मेरे लिए पूरा क्रिकेट नहीं खेलना एक अपराध है. उस पल ने मुझे बदल डाला. मेरी जिंदगी में खेल की महत्ता बहुत-बहुत ज्यादा है."

विराट का गुस्सा क्रिकेट के मैदान पर तो सभी ने देखा है लेकिन उनके कोच राजकुमार शर्मा की मानें तो उनके लिए ये सब नया नहीं है. विराट जब छोटे थे तब भी वो बहुत गुस्सैल और जिद्दी प्रवृत्ति के थे. विराट कितने गुस्सैल थे इस बात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्हें कई बार थप्पड़ तक मारे हैं. 

हालांकि विराट अपने कोच के प्रति बहुत सम्मान रखते हैं. दिग्गज खेल पत्रकार विजय लोकपल्ली की किताब 'ड्रिवेन' में एक घटना का जिक्र किया गया है. इसमें विजय ने कोच राजकुमार के हवाले से लिखा कि 'मैंने एक दिन घंटी बजने पर दरवाजा खोला तो सामने विराट के भाई विकास खड़े थे. इतनी सुबह उसके भाई के आने से मुझे चिंता होने लगी. विकास ने अंदर आकर एक नंबर लगाया और फिर फोन मुझे दे दिया. दूसरी ओर विराट फोन पर था जिसने कहा, हैपी टीचर्स डे सर.'

इसके बाद विकास ने कोच की हथेली पर चाबियों का एक गुच्छा रखा. राजकुमार हतप्रभ देखते रहे. विकास ने उन्हें घर से बाहर आने को कहा. दरवाजे पर एक स्कोडा रैपिड रखी थी जो विराट ने अपने गुरु को उपहार में दी थी.' राजकुमार कहते हैं, 'बात सिर्फ यह नहीं थी कि विराट ने मुझे तोहफे में कार दी थी बल्कि पूरी प्रक्रिया में उसके जज्बात जुड़े थे और मुझे लगा कि हमारा रिश्ता कितना गहरा है और उसके जीवन में गुरु की भूमिका कितनी अहम है.'

अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद भी विराट अपनी सफलता के आधारभूत स्तंभ यानी अपने परिवार के साथ बेहतर वक्त बिताने का कोई मौका नहीं छोड़ते. फिर चाहे अपनी मां के साथ रसोई में हाथ बंटाना हो या फिर अपनी मां, बहन, जीजा और बच्चों के साथ छुट्टियों में जाना, विराट हमेशा पारिवारिक व्यक्ति के रूप में नजर आता है.

वहीं, दूसरी तरफ अपनी गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा को लेकर भी वो काफी केयरिंग हैं. कई बार टीम की हार और विराट के लचर प्रदर्शन का ठीकरा अनुष्का पर फोड़ा गया लेकिन विराट ने सामने आकर अनुष्का की ट्रॉलिंग करने वालों को ट्विटर पर सख्त जवाब दिया.  जबकि अपने व्यस्त समय के बीच कई बार दोनों को फुर्सत के पल बिताते भी देखा गया. वहीं, कुछ माह पहले शूटिंग के लिए विदेश जाती अनुष्का को छोड़ने विराट एयरपोर्ट भी साथ पहुंचे.

कम ही को मालूम होगा कि विराट खुद अपना चैरिटी फाउंडेशन भी चलाते हैं जो गरीब बच्चों की देखभाल करती है. खाली वक्त में वो समाजसेवा से भी जुड़े रहते हैं. इनमें वृद्धाश्रमों में जाना, चैरिटी इवेंट्स के जरिये धन जुटाना समेत तमाम तरह के काम शामिल हैं. 

इसके अलावा वो सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल सामाजिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने के लिए करते हैं. इनमें सीमा पर लड़ने वाले हिंदुस्तानी सैनिकों के लिए आवाज उठाना, शोरमुक्त दिवाली मनाना समेत तमाम बातें शामिल हैं. 

विराट ने तमाम उपलब्धियां हासिल की हैं. इनमें 'प्रॉमिसिंग यंग लीडर्स एंड गेम चेंजर्स' वाली टॉप 50 भारतीयों की सूची में शामिल होने के साथ ही जीक्यू की टॉप 50 बेस्ट ड्रेस्ड भारतीयों की सूची में स्थान मिलना भी शामिल है. 

इसके पीछे शायद स्टाइल आइकन के रूप में विराट को खुद को स्थापित करना शामिल है. विराट अक्सर अपनी हेयरस्टाइल, दाढ़ी, कपड़ों और एटीट्यूड को लेकर चर्चा में बने रहते हैं. अब वो जमाना बीत गया जब लोग केवल फिल्म स्टार्स को ही कॉपी करते थे, विराट की  स्टाइल बहुत जल्द युवाओं के बीच फेमस हो जाती है. 

मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले विराट युवाओं के लिए भी किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं.

First published: 5 November 2016, 14:14 IST
 
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